बांकीमोगरा/कटघोरा 21 मई : कोयलांचल के बांकीमोगरा थाना क्षेत्र में इन दिनों पुलिस की कार्यप्रणाली और उनके मुखबिर तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। पिछले दिनों पुलिस ने इलाके के दो निगरानी बदमाशों को जेल भेजकर राहत की सांस ली थी और मान बैठी थी कि अब सब कुछ शांत हो चुका है। लेकिन सच इसके बिल्कुल उलट है। हकीकत तो यह है कि पूरे क्षेत्र में डीजल, लोहा, कोयला, तांबा, पाइप और तार चोर गिरोहों की एक मजबूत जुगलबंदी चल रही है, जिन्हें समाज के कुछ तथाकथित ‘सफेदपोश’ सरगनाओं का सीधा संरक्षण प्राप्त है।
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ये सफेदपोश आका खुद तो पर्दे के पीछे रहते हैं, लेकिन उन्होंने नए नवेले युवकों की एक पूरी फौज तैयार कर रखी है। ये युवक दिन के उजाले में तो बेहद इज्जतदार और सामान्य पेशे से जुड़े दिखते हैं, लेकिन स्याह अंधेरे में इनका खौफनाक और चोर चेहरा सामने आता है। सबसे बड़ा सस्पेंस और संदेह पुलिस के मुखबिरों पर है, जिन्हें इन बड़े सरगनाओं और सक्रिय चोरों की भनक तक नहीं है।
13 बिजली खंभों को तोड़ा, 3100 मीटर तार ले उड़े चोर
चोरी की इस सनसनीखेज और दुस्साहसिक वारदात ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी को लाखों का चूना लगाया है। कटघोरा उपसंभाग के अंतर्गत कटघोरा (ग्रामीण) वितरण केंद्र के ग्राम जवाली से ग्राम सिंघाली के बीच देवरी और आसपास के गांवों को रोशन करने के लिए नई 11 के.वी. विद्युत लाइन खींची गई थी। चूंकि अभी काम पूरा नहीं हुआ था, इसलिए इस लाइन में करंट (सप्लाई) चालू नहीं किया गया था।
चोरों ने इसी बात का फायदा उठाया। बीती 12 और 13 मई की दरम्यानी रात अज्ञात चोरों के इस शातिर गैंग ने जवाली से सिंघाली के बीच करीब 1 किलोमीटर के दायरे में धावा बोला। चोरों ने न सिर्फ 3,100 मीटर एल्युमिनियम/तांबे का तार काटकर पार कर दिया, बल्कि हैरतअंगेज तरीके से 13 नग विद्युत पोल (PCC खंभे) को भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर जमींदोज कर दिया।
लाखों का नुकसान, रंजित की रिपोर्ट पर BNS के तहत केस दर्ज
विद्युत कंपनी के कटघोरा में पदस्थ सहायक अभियंता रंजित ने इस बड़ी वारदात की लिखित शिकायत बांकीमोगरा थाने में दर्ज कराई है। विभाग के मुताबिक, चोरी किए गए तार की कुल अनुमानित कीमत 1,86,270 रुपये है, वहीं क्षतिग्रस्त किए गए 13 विद्युत पोल की लागत 41,548 रुपये आंकी गई है।
सहायक अभियंता रंजित की रिपोर्ट पर बांकीमोगरा पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ विद्युत अधिनियम की विभिन्न धाराओं सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 136-1(a)-LCG, 140-LCG, 3-LCG तथा 303(2), 324(4)-BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।
पुलिस की नाक के नीचे चल रहा ‘सिंडिकेट’
इस बड़ी वारदात के बाद अब बांकीमोगरा पुलिस की पेट्रोलिंग और इनपुट व्यवस्था पर उंगलियां उठ रही हैं। 1 किलोमीटर के दायरे में 13 भारी-भरकम बिजली खंभों को तोड़कर 3100 मीटर तार समेटना किसी एक या दो चोरों का काम नहीं हो सकता। इसके लिए बाकायदा पिकअप या बड़े वाहन और कटर मशीनों का इस्तेमाल किया गया होगा। इतनी बड़ी हलचल के बाद भी पुलिस का खाली हाथ रहना यह साबित करता है कि कोयलांचल में चोरों के हौसले बुलंद हैं और उन्हें किसी ‘बड़े हाथ’ का पूरा भरोसा है। अब देखना होगा कि पुलिस इन प्यादों तक और इनके असली आकाओं (सफेदपोश सरगनाओं) तक कब तक पहुंच पाती है।








