क्यों है यह ‘साइलेंट किलर’?
कोरबा, 15 मई 2026: उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए प्रतिवर्ष 17 मई को “विश्व उच्च रक्तचाप दिवस” मनाया जाता है। इस वर्ष यह दिवस ‘कंट्रोलिंग हाइपरटेंशन टूगेदर’ की विशेष थीम पर आधारित होगा। इस अवसर पर कोरबा जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम और स्क्रीनिंग कैंप आयोजित किए जाएंगे।
जिले भर में होंगे आयोजन
17 मई को जिले के समस्त विकासखंड स्तर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (शहरी व ग्रामीण), आयुष्मान आरोग्य मंदिर और उप-स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यक्रम आयोजित होंगे। इन केंद्रों पर न केवल उच्च रक्तचाप और मधुमेह (डायबिटीज) की निःशुल्क स्क्रीनिंग की जाएगी, बल्कि लोगों को इन बीमारियों की रोकथाम के प्रति शिक्षित भी किया जाएगा।
क्यों है यह ‘साइलेंट किलर’?
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि उच्च रक्तचाप एक ऐसी स्थिति है जिसमें धमनियों की दीवारों पर रक्त का दबाव लगातार बहुत अधिक बना रहता है। इसे ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है क्योंकि अधिकांश मरीजों में इसके कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। यदि समय पर इसे नियंत्रित न किया जाए, तो यह हृदय रोग, स्ट्रोक, किडनी फेलियर और याददाश्त की कमी जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।
कारण और लक्षण
विशेषज्ञों के अनुसार, मोटापा, धूम्रपान, शराब का सेवन, असंतुलित आहार, तनाव और शारीरिक सक्रियता में कमी इसके मुख्य कारण हैं। हालांकि इसके लक्षण पहचानना मुश्किल है, लेकिन कुछ संकेतों पर ध्यान देना जरूरी है:
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अत्यधिक सिर दर्द और सीने में दर्द।
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धुंधला दिखाई देना।
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बेचैनी, घबराहट या सांस फूलना।
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लगातार थकान महसूस होना।
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प्रशासन की अपील
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत और स्वास्थ्य विभाग ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि 30 वर्ष से अधिक उम्र के सभी व्यक्ति और जिन्हें उपरोक्त लक्षण महसूस हों, वे अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर जांच जरूर करवाएं। जिले के सभी शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों में उच्च रक्तचाप की जांच और उपचार की सुविधा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है। समय पर जांच और चिकित्सकीय परामर्श ही इस बीमारी से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।
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