रायपुर | 13 मई 2026
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ईंधन संरक्षण’ के आह्वान को धरातल पर उतारने के लिए कमर कस ली है। वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री ने न केवल कड़े फैसले लिए हैं, बल्कि खुद के काफिले (कारकेड) में कटौती कर एक बड़ी मिसाल पेश की है।
🚗 वीआईपी कल्चर पर लगाम, संरक्षण पर काम
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब उनके आधिकारिक दौरों के दौरान गाड़ियों की लंबी कतारें नज़र नहीं आएंगी। कारकेड में केवल अत्यावश्यक वाहनों को ही शामिल किया जाएगा। यही नहीं, उन्होंने सभी मंत्रियों और निगम-मंडलों के पदाधिकारियों से भी अपील की है कि वे सरकारी संसाधनों का उपयोग ‘संयम’ के साथ करें।
⚡ इलेक्ट्रिक भविष्य की ओर बढ़ते कदम
राज्य को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में सीएम साय ने एक बड़ा विज़न साझा किया है:
-
फेजवाइज बदलाव: सभी सरकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में बदला जाएगा।
-
हरित ऊर्जा: इस पहल से न केवल करोड़ों रुपये के पेट्रोल-डीजल की बचत होगी, बल्कि प्रदेश में ‘ग्रीन एनर्जी’ को बढ़ावा मिलेगा।
-
प्रदूषण पर प्रहार: सरकारी बेड़े में ईवी के आने से कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी लाने का लक्ष्य है।
👥 ‘नेशन फर्स्ट’: जनता से अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता को इस मुहिम का हिस्सा बनने का न्योता देते हुए कहा:
“ईंधन बचाना केवल पैसों की बचत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए सुरक्षित भविष्य की नींव है। छोटी-छोटी आदतें जैसे—कारपूलिंग करना, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग और बेवजह गाड़ी न निकालना—एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले सकती हैं।”
प्रमुख बिंदु: एक नज़र में
| पहल | उद्देश्य |
|---|---|
| छोटा कारकेड | ईंधन की बर्बादी और ट्रैफिक जाम से राहत |
| EV ट्रांजिशन | पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक परिवहन |
| अपील | जनभागीदारी से ‘ऊर्जा सुरक्षा’ सुनिश्चित करना |
मुख्यमंत्री के इन फैसलों ने स्पष्ट कर दिया है कि छत्तीसगढ़ अब ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना के साथ ऊर्जा संरक्षण के मामले में देश का अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर है।
।।।








