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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: 100 करोड़ के ‘मैनपावर गबन’ में 7 गिरफ्तार, 11 मई तक रिमांड पर

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रायपुर 4 मई 2026 : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच कर रही ACB-EOW की टीम ने ‘मैनपावर घोटाले’ में एक बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कोर्ट ने सभी आरोपियों को 11 मई तक कस्टोडियल रिमांड पर भेज दिया है, ताकि घोटाले की गहरी परतों को खोला जा सके।

ओवरटाइम के नाम पर 100 करोड़ का ‘खेल’

मिली जानकारी के अनुसार जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) में साल 2019 से 2024 के बीच 100 करोड़ रुपये से अधिक का गबन किया गया। यह पूरी हेराफेरी शराब दुकानों में तैनात कर्मचारियों के ‘ओवरटाइम भुगतान’ के नाम पर की गई।

कैसे हुआ घोटाला?

  • फर्जी दस्तावेज: सरकार ने कर्मचारियों के ओवरटाइम के लिए करीब 115 करोड़ रुपये मंजूर किए थे।

  • हड़पी गई राशि: आरोप है कि प्लेसमेंट और मैनपावर एजेंसियों ने फर्जी मस्टर रोल और दस्तावेज तैयार किए।

  • सिंडिकेट: कर्मचारियों को पैसा देने के बजाय, एजेंसियों ने अधिकारियों के साथ मिलकर पूरी रकम आपस में बांट ली।

ED की छापेमारी से हुई शुरुआत

इस बड़े भ्रष्टाचार का सुराग प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई से मिला था। नवंबर 2023 में रायपुर में हुई छापेमारी के दौरान 28.80 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई थी, जिसके बाद जांच के तार जुड़ते गए और इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।

अधिकारियों और कारोबारी से कनेक्शन

प्राप्त जानकारी के अनुसार ACB ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत केस दर्ज किया है। जांच में कुछ बड़े अधिकारियों की मिलीभगत और कारोबारी अनवर ढेबर के साथ संबंधों की भी गहन पड़ताल की जा रही है।

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