किसी ने नहीं सोचा था कि एक दिन वह 1 अरब डॉलर से ज्यादा की कंपनी ‘Physics Wallah’ खड़ी कर देंगे।
प्रयागराज 2 अप्रैल 2026: सफलता की कहानियाँ अक्सर चमक-धमक से शुरू होती हैं, लेकिन अलख पांडे की कहानी उस अंधेरे से शुरू हुई जहाँ आर्थिक तंगी के कारण एक परिवार को अपना घर तक बेचना पड़ा था। आज वही लड़का ‘फोर्ब्स बिलियनेयर लिस्ट 2026’ में शामिल होकर दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों की कतार में खड़ा है। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) यह महज एक बिज़नेस की सफलता नहीं, बल्कि एक ‘कॉलेज ड्रॉपआउट’ के उस जुनून की जीत है जिसने शिक्षा के बाज़ारीकरण को चुनौती दी।

IIT का सपना टूटा, पर जिद नहीं: प्रयागराज के रहने वाले अलख पांडे कभी खुद इंजीनियर बनने का सपना देखते थे। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) IIT में चयन न होने और फिर बीच में ही कॉलेज छोड़ने के बाद उनके पास खोने को कुछ नहीं था। ₹5000 की मामूली नौकरी से शुरुआत करने वाले अलख ने जब 2016 में एक सफेद बोर्ड और स्मार्टफोन के साथ यूट्यूब पर पढ़ाना शुरू किया, तो किसी ने नहीं सोचा था कि एक दिन वह 1 अरब डॉलर से ज्यादा की कंपनी ‘Physics Wallah’ खड़ी कर देंगे।
महंगी फीस के खिलाफ ‘देसी’ क्रांति: जहाँ बड़ी एडुटेक कंपनियाँ छात्रों से लाखों रुपये वसूल रही थीं, अलख ने कुछ सौ रुपयों में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध कराकर पूरे सिस्टम को हिला दिया। उनके पढ़ाने के अंदाज और छात्रों के प्रति ईमानदारी ने उन्हें रातों-रात ‘यूट्यूब सुपरस्टार’ बना दिया।आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज।
साइकिल से प्राइवेट जेट तक का सफर: 2022 में भारत की 101वीं यूनिकॉर्न कंपनी बनने के बाद अब 2026 में अलख पांडे की व्यक्तिगत संपत्ति ने उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई है। कभी ट्यूशन पढ़ाने के लिए साइकिल से मीलों का सफर तय करने वाला यह शख्स आज लग्जरी कारों और प्राइवेट जेट का मालिक है, लेकिन उनकी पहचान आज भी वही ‘फिजिक्स वाला’ है जो हर गरीब छात्र के लिए शिक्षा को सुलभ बनाना चाहता है। उनकी यह कहानी साबित करती है कि अगर इरादा नेक हो, तो नाकामियां भी इतिहास रचने की सीढ़ी बन जाती हैं।
।।।








