पुरुलिया/कोलकाता: पश्चिम बंगाल में चुनावी रैलियों का दौर जारी है और इसी कड़ी में पुरुलिया पहुंचीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। अपनी चोट और पैरों पर बंधी पट्टियों का मजाक उड़ाने वालों को जवाब देते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि एक घायल बाघ, स्वस्थ बाघ से कहीं ज्यादा खतरनाक साबित होता है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज।
ममता बनर्जी ने मंच से भावुक और आक्रामक अंदाज में कहा कि उनके पास से सारी शक्तियां छीनने की कोशिश की गई है, लेकिन वे डरने वाली नहीं हैं।- आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज – उन्होंने विरोधियों को चुनौती देते हुए कहा, “जो लोग मेरा मजाक उड़ाते हैं और कहते हैं कि मैं हर जगह पट्टियां बांधे घूमती हूं, वे जान लें कि मैं कई बार मौत के मुंह से बचकर निकली हूं। अगर किसी को शक है, तो वह अस्पताल से मेरी मेडिकल रिपोर्ट मंगवाकर देख सकता है।”
‘हर सीट पर मैं ही उम्मीदवार’
रैली के दौरान ममता बनर्जी ने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि जनता यह भूल जाए कि उनके क्षेत्र का स्थानीय उम्मीदवार कौन है। उन्होंने घोषणा की, “हर विधानसभा क्षेत्र में, मैं ही उम्मीदवार हूं। आप टीएमसी को वोट दें, क्योंकि आने वाले समय में हम ही सरकार बनाएंगे और बंगाल फतह के बाद दिल्ली की ओर कूच करेंगे।”
भाजपा के ‘डाइट चार्ट’ पर कटाक्ष
मुख्यमंत्री ने भाजपा पर हमलावर होते हुए दावा किया कि भाजपा शासित राज्यों में लोगों की खान-पान की आजादी छीनी जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा बंगाल की सत्ता में आई, तो वे लोगों को मछली, मांस और अंडे खाने से रोक देंगे। उन्होंने भाजपा को ‘बंगाल-विरोधी’ बताते हुए आरोप लगाया कि वे दंगों और नफरत की राजनीति के जरिए सत्ता हथियाना चाहते हैं।
आदिवासियों और महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल
ममता बनर्जी ने पुरुलिया की जनता के बीच आदिवासियों और महिलाओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में ही इन वर्गों पर सबसे ज्यादा अत्याचार होते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि चुनाव के दिन पूरी तरह चौकस रहें, क्योंकि उनके मजबूत गढ़ों में दोबारा चुनाव कराने की बड़ी साजिश रची जा रही है।
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