रायपुर, 27 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ में शिक्षकों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर शालेय शिक्षक संघ और राज्य के शिक्षामंत्री गजेंद्र यादव के बीच एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा), भर्ती-पदोन्नति नियम 2026, युक्तियुक्तकरण से प्रभावित शिक्षकों की समस्याएं और विभागीय परीक्षाओं जैसे कई अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद कई मुद्दों पर सकारात्मक संकेत सामने आए हैं, जिससे शिक्षकों में उम्मीद जगी है।
शालेय शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षामंत्री से मुलाकात कर शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं को विस्तार से रखा। इस दौरान संघ ने विशेष रूप से TET की अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों की चिंताओं से मंत्री को अवगत कराया। संघ ने मांग रखी कि RTE लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET से मुक्त रखा जाए, जबकि बाद में नियुक्त शिक्षकों के लिए एक सरल विभागीय परीक्षा की व्यवस्था की जाए। इस पर शिक्षामंत्री गजेंद्र यादव ने भरोसा दिलाया कि किसी भी शिक्षक का अहित नहीं होने दिया जाएगा और इस दिशा में संतुलित समाधान निकाला जाएगा।
बैठक में भर्ती एवं पदोन्नति नियम 2026 को लेकर भी गहन चर्चा हुई। प्रांतीय महासचिव धर्मेश शर्मा ने कहा कि वर्तमान मसौदा नियम शिक्षक एलबी संवर्ग के साथ पक्षपातपूर्ण प्रतीत होता है और इसमें व्यापक संशोधन की आवश्यकता है। इस पर शिक्षामंत्री ने संगठन से विस्तृत सुझाव मांगे और आश्वासन दिया कि सभी पहलुओं पर विचार कर उचित निर्णय लिया जाएगा।
इसके अलावा, युक्तियुक्तकरण (रैशनलाइजेशन) के कारण प्रभावित शिक्षकों के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया गया। संघ ने मांग की कि इस प्रक्रिया को निरस्त कर प्रभावित शिक्षकों को उनकी पूर्व पदस्थापना पर बहाल किया जाए और लंबित वेतन का भुगतान किया जाए। इस पर मंत्री ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया।
बैठक में प्राचार्य के 10% पदों पर शीघ्र विभागीय परीक्षा आयोजित करने की मांग भी रखी गई, जिस पर शिक्षामंत्री ने संबंधित अधिकारियों को प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। इससे पदोन्नति की राह देख रहे शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
इस दौरान प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष चन्द्रशेखर तिवारी और मीडिया प्रभारी जितेंद्र शर्मा सहित कई पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे। बैठक को सकारात्मक और सार्थक बताते हुए संघ ने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही ठोस निर्णय लेगी।
इस प्रतिनिधिमंडल में सुनील सिंह, विष्णु शर्मा, डॉ. सांत्वना ठाकुर, सत्येंद्र सिंह, विवेक शर्मा, गजराज सिंह, राजेश शर्मा, शैलेश सिंह, प्रह्लाद जैन, संतोष मिश्रा, संतोष शुक्ला, शिवेंद्र चंद्रवंशी, दीपक वेंताल, यादवेंद्र दुबे, सर्वजीत पाठक, मंटू खैरवार, पवन दुबे, नंदकुमार अठभैया, भोजराम पटेल, विनय सिंह, आशुतोष सिंह, भानु डहरिया, रवि मिश्रा, बिजेंद्रनाथ यादव, जितेंद्र गजेंद्र, अजय वर्मा, कृष्णराज पांडेय, घनश्याम पटेल, बुद्धेश्वर शर्मा, प्रदीप पांडेय, उपेंद्र सिंह, पवन साहू, मनोज पवार, देवव्रत शर्मा, कैलाश रामटेके, अब्दुल आसिफ खान, सरवर हुसैन, कुलदीप सिंह चौहान, नेमीचंद भास्कर, राजेश यादव, अमित सिन्हा, विक्रम राजपूत, सुशील शर्मा, विजय जाटवर, शशि कठोलिया, विजय बेलचंदन, अशोक देशमुख, तिलक सेन, द्वारिका भारद्वाज सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
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