मथुरा 23 मार्च। जनपद के कोसीकलां में शनिवार को हुए सड़क हादसे के बाद उपजी हिंसा और पथराव के मामले में पुलिस ने कड़ा एक्शन लिया है। पुलिस प्रशासन पर हमला करने, अवैध हथियारों से फायरिंग और उपद्रव फैलाने के आरोप में 22 नामजद समेत 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

हादसे को अफवाहों ने बनाया ‘सांप्रदायिक’
एसएसपी श्लोक कुमार ने स्पष्ट किया कि यह पूरी घटना एक सड़क दुर्घटना थी, जिसे अफवाहों के कारण हिंसक रूप दे दिया गया।
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वास्तविक घटना: चंद्रशेखर उर्फ ‘फरसा वाले बाबा’ ने गोवंश की आशंका में एक नागालैंड नंबर के कैंटर को रोका था।
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दुर्घटना: जब बाबा कैंटर की जांच कर रहे थे, तभी घने कोहरे के कारण पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने उन्हें कुचल दिया। इस हादसे में बाबा और ट्रक चालक दोनों की मौत हो गई।
जांच में बड़ा खुलासा: कैंटर में नहीं था गोवंश
पुलिस और फॉरेंसिक टीम की जांच में यह साफ हो गया है कि जिस कैंटर को रोका गया था, उसमें किराने का सामान लदा था, न कि गोवंश। वहीं, टक्कर मारने वाले ट्रक में लोहे के तार थे। बाहरी तत्वों द्वारा फैलाई गई गलत सूचनाओं के कारण भीड़ उग्र हुई और प्रशासनिक अधिकारियों पर लाठी-डंडों व पत्थरों से हमला कर दिया।
प्रशासनिक मुस्तैदी और सख्त चेतावनी
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सेक्टर स्कीम लागू: क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात है और मजिस्ट्रेट लगातार गश्त कर रहे हैं।
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CCTV से पहचान: उपद्रवियों को चिह्नित करने के लिए वीडियो और सीसीटीवी फुटेज की मदद ली जा रही है।
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सोशल मीडिया पर नजर: एसएसपी ने जनता से अपील की है कि भ्रामक पोस्ट साझा न करें। अफवाह फैलाने वालों पर साइबर सेल कड़ी कार्रवाई करेगी।
“कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। हम वीडियो के आधार पर हर एक उपद्रवी की पहचान कर रहे हैं।”
— श्लोक कुमार, एसएसपी मथुरा
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