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तुलसी गबार्ड का बड़ा बयान: पाकिस्तान समेत 4 देशों को बताया अमेरिका के लिए परमाणु खतरा

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वॉशिंगटन: अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर (DNI) तुलसी गबार्ड ने वैश्विक सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की है। गबार्ड ने पाकिस्तान, रूस, चीन और उत्तर कोरिया को अमेरिका के लिए इस समय का सबसे बड़ा परमाणु खतरा घोषित किया है।

परमाणु मिसाइलों की संख्या में भारी उछाल का अनुमान

गबार्ड ने अमेरिकी इंटेलिजेंस एजेंसियों के आकलन का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका पर हमला करने में सक्षम मिसाइलों की संख्या में खतरनाक रूप से वृद्धि हो रही है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में इन मिसाइलों की अनुमानित संख्या लगभग 3,000 है, जिसके साल 2035 तक बढ़कर 16,000 से अधिक होने की आशंका है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तर कोरिया अब रूस और चीन के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करने में जुटा हुआ है।

ईरान पर हमले और राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले का बचाव

अमेरिकी काउंटरटेररिज्म अधिकारी जो कैंट के इस्तीफे के बाद उपजे विवाद पर तुलसी गबार्ड ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मजबूती से बचाव किया है। जो कैंट ने आरोप लगाया था कि ईरान से अमेरिका को कोई तत्काल खतरा नहीं था, जिसके विरोध में उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

इसके जवाब में गबार्ड ने कहा कि:

  • राष्ट्रपति ट्रंप को अमेरिकी जनता ने भारी बहुमत से कमांडर-इन-चीफ चुना है।

  • खतरों का आकलन करना और देश की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाना उनकी संवैधानिक जिम्मेदारी है।

  • ईरान पर हमले का फैसला पूरी तरह से उपलब्ध खुफिया जानकारी (Intelligence) की सावधानीपूर्वक समीक्षा पर आधारित था।

इंटेलिजेंस डायरेक्टर की भूमिका

गबार्ड ने स्पष्ट किया कि नेशनल इंटेलिजेंस निदेशक के कार्यालय का मुख्य काम सभी खुफिया जानकारियों को एकीकृत करना है ताकि राष्ट्रपति को सटीक सूचना मिल सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप इस निष्कर्ष पर पहुँचे थे कि ईरान का शासन अमेरिका की सुरक्षा के लिए खतरा है, और उसी आधार पर यह सैन्य कार्रवाई की गई।


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