रियाद/दुबई: माह-ए-रमजान अब अपने अंतिम पड़ाव पर है और दुनिया भर के करोड़ों मुसलमानों की निगाहें अब आसमान पर टिक गई हैं। साल 2026 की ईद-उल-फित्र (Eid-ul-Fitr) की सटीक तारीख तय करने के लिए सऊदी अरब के सुप्रीम कोर्ट ने आधिकारिक तौर पर चांद देखने का आह्वान किया है।
बुधवार की शाम होगी बेहद अहम इस्लामिक कैलेंडर (1447 हिजरी) के अनुसार, बुधवार 18 मार्च 2026 को 29वां रोजा है। सुप्रीम कोर्ट ने नागरिकों से अपील की है कि वे बुधवार की शाम को शव्वाल के महीने का अर्धचंद्र (Crescent) देखने की कोशिश करें। यदि बुधवार शाम को चांद नजर आता है, तो रमजान का महीना 29 दिनों का समाप्त होगा और गुरुवार, 19 मार्च को ईद मनाई जाएगी।
चांद नहीं दिखा तो 30 रोजे होंगे पूरे अदालत के निर्देशानुसार, यदि बुधवार को चांद का दीदार नहीं होता है, तो रमजान का महीना 30 दिनों का माना जाएगा। ऐसी स्थिति में ईद का जश्न शुक्रवार, 20 मार्च 2026 को मनाया जाएगा।
गवाही देने की अपील सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जो भी व्यक्ति अपनी नग्न आंखों या दूरबीन के माध्यम से चांद देखे, वह तुरंत नजदीकी अदालत को सूचित करे ताकि उसकी गवाही रिकॉर्ड की जा सके। साथ ही खगोलीय विशेषज्ञों से भी इस प्रक्रिया में वैज्ञानिक सहायता मांगी गई है। जैसे-जैसे 29वें रोजे की शाम करीब आ रही है, बाजारों में रौनक और लोगों में चांद को लेकर उत्साह चरम पर है।
सऊदी अरब का ‘सुप्रीम कोर्ट’: सऊदी अरब में ईद और रमजान के चांद की घोषणा वहां का ‘शाही सुप्रीम कोर्ट’ (High Court/Supreme Court) करता है। वहां धार्मिक मामलों और कैलेंडरों से जुड़े आधिकारिक निर्णय इसी अदालत द्वारा लिए जाते हैं।
जबकि भारत में ईद की तारीख का फैसला स्थानीय ‘चांद कमेटियां’ (जैसे मरकजी हिलाल कमेटी) करती हैं, न कि अदालत।
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