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छत्तीसगढ़ में ‘धर्मांतरण’ पर प्रहार: कैबिनेट ने दी ‘धार्मिक स्वातंत्र्य विधेयक’ को मंजूरी, दोषियों को होगी 10 साल तक की जेल

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रायपुर 10 मार्च 2026  | मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए ‘छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वातंत्र्य विधेयक, 2026’ के प्रारूप को मंजूरी दे दी है। इस कदम से राज्य में जबरन, प्रलोभन या धोखाधड़ी से होने वाले धर्म परिवर्तन पर पूरी तरह से नकेल कसने की तैयारी कर ली गई है।

सजा और जुर्माने का सख्त प्रावधान

विधेयक के अनुसार, अब राज्य में धर्म परिवर्तन कराना आसान नहीं होगा। इसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • सामान्य मामले: जबरन धर्म परिवर्तन पर 1 से 5 साल की कैद और 25,000 रुपये तक का जुर्माना।

  • गंभीर मामले: यदि मामला नाबालिग, महिला, या SC/ST वर्ग से जुड़ा है, तो सजा और भी सख्त होगी।

  • शादी के लिए धर्मांतरण: पहचान छिपाकर शादी करने और धर्म बदलने पर भारी जुर्माने (50,000 रुपये तक) के साथ जेल का प्रावधान है।

  • सामूहिक धर्मांतरण: बड़े स्तर पर धर्म परिवर्तन कराने वालों के खिलाफ 10 साल तक की जेल का प्रावधान किया गया है।

सरकार का स्पष्ट कहना है कि इस कानून का उद्देश्य प्रलोभन, डर या गलत तरीके से कराए जा रहे मतांतरण पर प्रभावी रोक लगाना है। छत्तीसगढ़ अब उन राज्यों की सूची में शामिल हो गया है जहाँ धर्मांतरण विरोधी कानून लागू है।


कैबिनेट के अन्य बड़े फैसले: भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और इंफ्रास्ट्रक्चर

1. छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन बोर्ड का गठन सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के तकनीकी व गैर-तकनीकी पदों पर भर्ती के लिए अब एक समर्पित ‘कर्मचारी चयन बोर्ड’ बनाया जाएगा। इसके साथ ही परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली रोकने के लिए ‘अनुचित साधनों का निवारण विधेयक’ को भी मंजूरी दी गई है।

2. राजनांदगांव को मिलेगी क्रिकेट अकादमी खेल जगत के लिए खुशखबरी देते हुए कैबिनेट ने राजनांदगांव में 5 एकड़ जमीन आवंटित करने का फैसला किया है। यहाँ एक ‘स्टेट-ऑफ-द-आर्ट’ क्रिकेट ग्राउंड और क्रिकेट अकादमी विकसित की जाएगी।

3. अतिरिक्त स्टाम्प शुल्क समाप्त आम जनता को राहत देते हुए सरकार ने रजिस्ट्रेशन पर लगने वाले अतिरिक्त उप-शुल्क (सरचार्ज) को समाप्त करने का निर्णय लिया है। पूर्ववर्ती ‘राजीव गांधी मितान क्लब’ के लिए वसूला जाने वाला 12% उप-शुल्क अब बंद कर दिया जाएगा।

4. अन्य संशोधन कैबिनेट ने नगर एवं ग्राम निवेश विधेयक, गृह निर्माण अधिनियम और राजस्व संहिता की धाराओं (40, 50 और 59) में बदलाव के प्रस्तावों को भी हरी झंडी दिखा दी है।


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