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रेलवे का बड़ा फैसला: 10 प्रमुख ट्रेनों से हटेगा ‘सुपरफास्ट’ का टैग, अब सस्ता होगा सफर!

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नई दिल्ली/प्रयागराज: ट्रेन से सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे की ओर से एक बड़ी राहत की खबर आई है। यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए रेलवे ने अप्रैल के मध्य से देश की 10 प्रमुख ट्रेनों से ‘सुपरफास्ट’ का दर्जा हटाने का निर्णय लिया है।

इस फैसले के लागू होने के बाद न केवल इन ट्रेनों के नंबर बदल जाएंगे, बल्कि यात्रियों को अब ‘सुपरफास्ट सरचार्ज’ भी नहीं देना होगा, जिससे टिकट की कीमतें कम हो जाएंगी।

क्यों लिया गया यह फैसला?

अक्सर देखा गया है कि कई ट्रेनें सुपरफास्ट की श्रेणी में होने के बावजूद भारी संख्या में ठहराव (Stoppages) होने के कारण सामान्य एक्सप्रेस की गति से चलती थीं। यात्रियों का तर्क था कि जब गति कम है और ठहराव ज्यादा, तो अतिरिक्त शुल्क क्यों लिया जाए? इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने इन ट्रेनों को अब सामान्य मेल-एक्सप्रेस की श्रेणी में डाल दिया है।

प्रमुख बदलाव और प्रभावित ट्रेनें

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह नई व्यवस्था 13 से 16 अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग तिथियों पर लागू होगी। इसमें विभूति, नेताजी, उपासना और हिमगिरि जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल हैं। सूची दी जा रही है, लेकिन रेलवे द्वारा ट्रेन नंबर में बदलाव की अधिकृत सूची का भी  अवलोकन जरूर करे, ताकि आपकी यात्रा सुखद रहे।

ट्रेन का नाम मौजूदा नंबर नया नंबर प्रभावी तिथि
प्रयागराज रामबाग-हावड़ा, विभूति एक्सप्रेस 12334 13048 14 अप्रैल
हावड़ा-प्रयागराज रामबाग, विभूति एक्सप्रेस 12333 13047 13 अप्रैल
हावड़ा-कालका, नेताजी एक्सप्रेस 12311 13051 13 अप्रैल
कालका-हावड़ा, नेताजी एक्सप्रेस 12312 13052 15 अप्रैल
हावड़ा-देहरादून, उपासना एक्सप्रेस 12327 13035 14 अप्रैल
देहरादून-हावड़ा, उपासना एक्सप्रेस 12328 13036 15 अप्रैल
हावड़ा-देहरादून, कुंभ एक्सप्रेस 12369 13037 13 अप्रैल
देहरादून-हावड़ा, कुंभ एक्सप्रेस 12370 13038 14 अप्रैल
हावड़ा-जम्मूतवी, हिमगिरि एक्सप्रेस 12331 13041 14 अप्रैल
जम्मूतवी-हावड़ा, हिमगिरि एक्सप्रेस 12332 13042 16 अप्रैल

जेब पर कम होगा बोझ

सुपरफास्ट का दर्जा हटने से यात्रियों को अब अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। उदाहरण के तौर पर:

  • स्लीपर क्लास: लगभग ₹30 की बचत।

  • AC 3-Tier/2-Tier: लगभग ₹45 की बचत।

“जब ट्रेनों की औसत गति और ठहराव सामान्य एक्सप्रेस जैसे हों, तो किराया भी उसी के अनुसार होना चाहिए। यह कदम यात्रियों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद होगा।” – रेलवे अधिकारी

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