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बिलासपुर: चुनावी कड़वाहट पर भारी पड़ा ‘गुरु-शिष्य’ का स्नेह, मंत्री राजेश अग्रवाल ने छुए टीएस सिंहदेव के पैर

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बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ भवन में आज राजनीति का एक बेहद भावुक और शिष्टाचार से भरा दृश्य देखने को मिला। प्रदेश के नवनियुक्त पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल जब पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव से मिलने पहुँचे, तो पुरानी यादें ताज़ा हो गईं।

जैसे ही राजेश अग्रवाल कमरे में दाखिल हुए, टीएस सिंहदेव का चेहरा खुशी से खिल उठा। वहीं, मंत्री राजेश अग्रवाल ने भी प्रोटोकॉल और राजनीतिक मतभेदों को किनारे रखते हुए झुककर अपने पूर्व ‘राजनैतिक गुरु’ सिंहदेव के चरण स्पर्श किए और उनका आशीर्वाद लिया।

कभी रहे थे ‘दाऊ साहब’ के सारथी

गौरतलब है कि राजेश अग्रवाल एक समय में कांग्रेस में रहते हुए टीएस सिंहदेव (बाबा) के सबसे करीबी सिपहसालारों में गिने जाते थे। उन्होंने अंबिकापुर और आसपास के क्षेत्रों में सिंहदेव के लिए वर्षों तक काम किया था। हालांकि, समय का चक्र बदला और उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था।

शिष्य ने ही दी थी गुरु को पटखनी

पिछले विधानसभा चुनाव में अंबिकापुर की हॉट सीट पर एक दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला था, जहाँ राजेश अग्रवाल ने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए अपने ही राजनैतिक गुरु टीएस सिंहदेव को परास्त कर दिया था। जीत के बाद राजेश अग्रवाल को भाजपा सरकार में पर्यटन मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

आज की इस मुलाकात ने यह साबित कर दिया कि विचारधारा की लड़ाई अपनी जगह है, लेकिन छत्तीसगढ़ की माटी के संस्कारों में आज भी बड़ों के प्रति सम्मान जीवित है।