Latest News
भारत की थाली का सच: क्या भारत केवल शाकाहारी देश है? BRICS डिनर, राहुल गांधी का दावा और भारतीय खान-पान का इतिहास कैल्शियम स्कोर सही, तो भी दिल की बीमारी का खतरा? जानिए क्या कहती है 10 साल की यह नई रिसर्च कोरबा में आसमान में दिखा अद्भुत नजारा: अर्धचंद्र के ऊपर चमका बेहद खूबसूरत तारा, जानें क्या है इसका खगोलीय सच बालको मेडिकल सेंटर के चौथे वार्षिक बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव में शामिल होंगे देश-दुनिया के कैंसर विशेषज्ञ गणेशोत्सव से पहले कोरबा पुलिस का बड़ा एक्शन: एक ही दिन में 105 अपराधियों पर कार्रवाई, 60 वारंटी भेजे गए जेल अंबिकापुर में छात्र नेता की प्रताड़ना से तंग आकर छात्रा ने की आत्महत्या, आरोपी गिरफ्तार; कांग्रेस ने पार्टी से किया निलंबित
Home » देश » “If Hindus Unite, Bengal’s Scenario Will Change”: Mohan Bhagwat’s Clarion Call from Kolkata; Issues Strong Statement on Bangladesh.

“If Hindus Unite, Bengal’s Scenario Will Change”: Mohan Bhagwat’s Clarion Call from Kolkata; Issues Strong Statement on Bangladesh.

Share:

 

‘हिंदू एकजुट हों तो बदल जाएगी बंगाल की तस्वीर’, कोलकाता से मोहन भागवत की हुंकार; बांग्लादेश के हालात पर दिया बड़ा बयान

कोलकाता: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कोलकाता की धरती से एक ऐसा संबोधन दिया है, जिसने न केवल बंगाल बल्कि देश की सियासत में हलचल तेज कर दी है। साइंस सिटी सभागार में संघ के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि हिंदू समाज एकजुट हो जाए, तो बंगाल के मौजूदा हालात को बदलने में समय नहीं लगेगा।

बांग्लादेशी हिंदुओं की सुरक्षा पर सरकार को संकेत

पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर पहली बार बेबाकी से बोलते हुए भागवत ने कहा कि दुनिया में हिंदुओं के लिए भारत ही एकमात्र सुरक्षित स्थान है। उन्होंने भारत सरकार की भूमिका पर संकेत देते हुए कहा, “सरकार को वहां के हिंदुओं की चिंता करनी ही होगी और वे कुछ न कुछ कर भी रहे होंगे। कूटनीति में हर रणनीति सार्वजनिक नहीं की जाती। कभी परिणाम तुरंत दिखते हैं, तो कभी वक्त लगता है, लेकिन हम हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठ सकते।”

सामाजिक परिवर्तन से राजनीतिक बदलाव का मंत्र

भागवत ने विरोधियों पर प्रहार करते हुए साफ किया कि संघ का उद्देश्य सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि समाज परिवर्तन है। उन्होंने कहा:

“संघ का कोई दुश्मन नहीं है। कुछ लोग अपनी ‘संकीर्ण स्वार्थ की दुकानें’ बंद होने के डर से हमारे खिलाफ भ्रम फैलाते हैं। अगर समाज का चरित्र बदल गया और वह संगठित हो गया, तो राजनीति अपने आप बदल जाएगी।”

संबोधन के प्रमुख बिंदु:

एकजुटता की शक्ति: बंगाल में बदलाव के लिए हिंदुओं के संगठित होने को अनिवार्य बताया।

बांग्लादेश के लिए अपील: दुनिया भर के हिंदुओं से बांग्लादेशी अल्पसंख्यकों की मदद के लिए आगे आने को कहा।

भ्रम से बचाव: युवाओं को सलाह दी कि वे सुनी-सुनाई बातों के बजाय वास्तविकता और अनुभव पर भरोसा करें।

रणनीति का हिस्सा: मुशिदाबाद जैसी घटनाओं के बीच उनके इस बयान को एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

सियासी मायने:

मोहन भागवत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बंगाल में हाल के दिनों में कई सांप्रदायिक और राजनीतिक तनाव की खबरें आई हैं। ‘हिंदू एकजुटता’ का उनका आह्वान आने वाले समय में राज्य की राजनीति को नई दिशा दे सकता है।

Leave a Comment

latest news