Ayodhya Deepotsav : रामनगरी अयोध्या में इस बार का दीपोत्सव बेहद भव्य और ऐतिहासिक रहा। सरयू नदी के तट पर स्थित 56 घाटों को 30 लाख से अधिक मिट्टी के दीपों से रोशन किया गया, जिससे पूरी नगरी राममय हो उठी। इस अलौकिक आयोजन में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहभागिता की। दोनों ने सबसे पहले भगवान श्रीराम और माता जानकी की पूजा-अर्चना की और सरयू तट पर आरती उतारी।

10वें दीपोत्सव की मुख्य विशेषताएँ
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भव्य दीयों की संख्या: ‘राम की पैड़ी’ सहित सरयू नदी के कुल 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीये प्रज्वलित किए गए।
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विशिष्ट उपस्थिति: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव कार्यक्रम में शिरकत कर दीप जलाए।
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पारंपरिक शुरुआत: मुख्यमंत्री योगी ने साल 2017 में शुरू हुए इस ऐतिहासिक दीपोत्सव के सफर को याद करते हुए इसके सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया।
सीएम योगी आदित्यनाथ का संबोधन: “कोप भवन में बैठे हैं मंथरा और मारीच”
दीपोत्सव 2026 के अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष और देश विरोधी ताकतों पर करारा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आज देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘विरासत’ और ‘विकास’ के पथ पर आगे बढ़ रहा है, लेकिन कुछ लोग इससे असहज हैं।
“एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विरासत, विकास और लोक कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से विकसित भारत का संकल्प आगे बढ़ रहा है, लेकिन दूसरी ओर कोप भवन में बैठे हुए मंथरा और मारीच इस पूरी व्यवस्था को प्रभावित करने के लिए अराजकता पैदा कर रहे हैं।”
योगी ने आगे कहा कि नया भारत आतंकवाद और नक्सलवाद को नेस्तनाबूत कर रहा है, और तमाम साजिशों के बावजूद ‘सत्यमेव जयते’ और ‘धर्मेव जयते’ का संकल्प सिद्ध होकर रहेगा।




