नई दिल्ली 07/11/2026 : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के दिल्ली स्थित आवास पर शुक्रवार (6 नवंबर) को एक विशेष ‘दिवाली मिलन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज इस मौके पर कांग्रेस के कई दिग्गज नेता, पार्टी पदाधिकारी और 5 राज्यों के पूर्व मुख्यमंत्री एक साथ नजर आए। राहुल गांधी ने सभी नेताओं से मुलाकात कर दिवाली की शुभकामनाएं दीं। चाय पर हुई इस मुलाकात के जरिए पार्टी में एकजुटता का बड़ा संदेश देने की कोशिश की गई।

कार्यक्रम में शामिल हुए ये 5 पूर्व मुख्यमंत्री
इस दिवाली मिलन समारोह में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे।
इनके अलावा कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश, सचिन पायलट, कुमारी शैलजा और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सहित संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों और राज्य प्रभारियों ने भी हिस्सा लिया।
‘राजनीतिक चर्चा नहीं, सिर्फ चाय और त्योहार की खुशियां’
उत्तर प्रदेश के AICC प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह पूरी तरह से एक अनौपचारिक और त्योहार से जुड़ा कार्यक्रम था। उन्होंने स्पष्ट किया, “आज कोई पॉलिटिकल चर्चा नहीं हुई; हमने बस साथ में चाय पी और त्योहार की खुशियां साझा कीं।”
राहुल गांधी का संदेश: पार्टी के लिए वफादार कार्यकर्ता बनें मजबूत
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि राहुल गांधी संगठन के प्रति समर्पित नेताओं और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखना चाहते हैं। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज उन्होंने कहा, “राहुल गांधी चाहते हैं कि लंबे समय से पार्टी के साथ बने रहने वाले और वफादार कार्यकर्ता और मजबूत बनें। सभी ने प्रेम, शांति और एकता के साथ त्योहार का आनंद लिया।”
दिल्ली प्रदूषण पर भी बोले राजेंद्र पाल गौतम
समारोह के दौरान दिल्ली-NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण के मुद्दे पर राजेंद्र पाल गौतम ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आरोप-प्रत्यारोप से प्रदूषण का समाधान नहीं निकलेगा। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और पड़ोसी राज्यों को विशेषज्ञों के साथ बैठकर इसके वास्तविक कारणों की पहचान करनी चाहिए और एक ठोस कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए।



