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कोरबा: पुष्प विहार चौक का नाम होगा ‘भगवान बिरसा मुंडा चौक’; आदिवासी समाज और रहवासियों ने दी सर्वसम्मति से सहमति

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कोरबा 06/11/2026 : शहर के आरएसएस नगर स्थित पुष्प विहार कॉलोनी के चौक का नाम अब महान स्वतंत्रता सेनानी और जननायक भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर रखा जाएगा। नगर निगम प्रशासन के इस महत्वपूर्ण निर्णय का कॉलोनीवासियों और आदिवासी समाज ने दिल से स्वागत करते हुए इस पर अपनी पूर्ण सहमति जताई है। आगामी 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती (जनजातीय गौरव दिवस) के अवसर पर इस नामकरण का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा।

इस संबंध में गत 4 नवंबर 2026 को पुष्प विहार कॉलोनी में एक विशेष सामाजिक बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें नामकरण समारोह की तैयारियों के साथ-साथ क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर भी गहन मंथन किया गया।

बुनियादी विकास और सामुदायिक भवन की मांग पर चर्चा

बैठक के दौरान आदिवासी समाज के सामाजिक विकास और स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कॉलोनी के प्रवेश द्वार, जर्जर सड़कों, नालियों और प्रकाश व्यवस्था (स्ट्रीट लाइट्स) की तत्काल मरम्मत एवं सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।

इसके साथ ही, क्षेत्र में एक सामुदायिक भवन के निर्माण की पुरजोर मांग उठाई गई। रहवासियों का मानना था कि सामुदायिक भवन के बन जाने से सामाजिक बैठकों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य सामूहिक आयोजनों के लिए एक स्थायी व सुविधायुक्त स्थान मिल सकेगा।

ऐतिहासिक विरासत और आदिवासी अस्मिता का सम्मान

भगवान बिरसा मुंडा का जीवन संघर्ष, स्वाभिमान, ‘जल-जंगल-जमीन’ की रक्षा और औपनिवेशिक शोषण के विरुद्ध प्रतिरोध का एक महान प्रतीक है। 15 नवंबर को उनकी जयंती को देश भर में ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।

पुष्प विहार चौक का नाम उनके नाम पर रखे जाने के निर्णय को समाज ने आदिवासी अस्मिता, संस्कृति और उनके ऐतिहासिक योगदान के सम्मान से जोड़कर देखा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि महापुरुषों के नाम पर सार्वजनिक स्थलों का नामकरण तभी पूरी तरह सार्थक होता है, जब उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर जनहित और क्षेत्र के विकास के लिए भी ठोस प्रयास किए जाएं।

बैठक में इनकी रही विशेष उपस्थिति

इस महत्वपूर्ण सामाजिक बैठक में आदिवासी समाज के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और स्थानीय गणमान्य नागरिक पूरी सक्रियता के साथ शामिल हुए।

प्रमुख रूप से सेवक लाल मरावी, रामसाय, शील पितर कुजूर, मंजनू तिर्की, मोहित राम सिदार, निर्मल कुजूर, अविनाश मरकाम, शिवराम, बीआर भगत, शांति भगत, स्वर्ण लकड़ा, सुखमनी तिर्की, संजीत गोंड, नमन टोप्पो, प्रताप केरकेट्टा, मनोज कलवड़े, श्री सिदार, हेलेना एक्का, किरण कुमुदनी टोप्पो, सोसन एक्का, लिनुश तिर्की, लिली कुजूर और बीएल नेताम सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

बैठक के अंत में कार्यक्रम के संयोजक सेवक लाल मरावी ने सभी की सक्रिय सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया।