कोरबा, 6 नवंबर 2026: रबी सीजन 2026-27 के दौरान किसानों को रासायनिक उर्वरक आसानी से उपलब्ध कराने और वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए कोरबा जिले में एक नई डिजिटल व्यवस्था लागू की गई है। अब किसान ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल’ (FFS) सॉफ्टवेयर के मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे खाद की प्री-बुकिंग कर सकेंगे और ई-टोकन प्राप्त कर पाएंगे।

मोबाइल ऐप और सीएससी से टोकन की सुविधा
नई व्यवस्था के तहत किसान गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध FFS ऐप में अपने आधार कार्ड या फार्मर आईडी की मदद से लॉगिन कर सकते हैं। इसके माध्यम से वे यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरकों की बुकिंग घर बैठे कर सकेंगे। जो किसान मोबाइल ऐप का उपयोग करने में असमर्थ हैं, वे नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के जरिए भी ई-टोकन प्राप्त कर सकते हैं। दुकान पर जाकर केवल टोकन का क्यूआर कोड स्कैन कराने के बाद ही खाद का वितरण किया जाएगा।
48 घंटे के भीतर क्यूआर कोड स्कैन करना अनिवार्य
खाद बुक करने के बाद किसानों को 48 घंटे के भीतर संबंधित उर्वरक दुकान पर पहुंचकर क्यूआर कोड स्कैन कराना होगा। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर स्कैन नहीं कराया जाता है, तो बुकिंग स्वतः निरस्त हो जाएगी। कृषि विभाग और सहकारी समितियों के कर्मचारियों को इस नई प्रणाली का प्रशिक्षण दिया जा चुका है, और गांवों में जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
डिजिटल निगरानी से रुकेगी कालाबाजारी
एफएफएस सॉफ्टवेयर के जरिए यूरिया, डीएपी, एसएसपी, एमओपी और एनपीके जैसे सभी उर्वरकों के स्टॉक, दैनिक बिक्री और शेष मात्रा का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा। इससे कृषि विभाग के अधिकारी खाद की मांग और आपूर्ति पर पैनी नजर रख सकेंगे, जिससे कालाबाजारी पर रोक लगेगी और किसानों को उचित मूल्य पर समय पर खाद मिल सकेगी। उप संचालक कृषि ने किसानों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक FFS ऐप के माध्यम से ही खाद की बुकिंग करें। किसी भी समस्या की स्थिति में किसान नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय या समिति के अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।




