शाजापुर (मध्य प्रदेश) 26अक्टूबर 2026 Madhya Pradesh Politics : मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की उज्जैन से अयोध्या तक निकाली जा रही पदयात्रा जब शाजापुर पहुंची, तब उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान हिंदुत्व और सनातन धर्म को लेकर बड़ा बयान दिया।
दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह न तो कभी हिंदुत्व के समर्थक थे और न ही आगे कभी रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि सनातन धर्म और हिंदुत्व दो पूरी तरह अलग अवधारणाएं हैं। उन्होंने कहा, “हिंदुत्व का सनातन धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। सनातन धर्म हज़ारों साल पुराना है, जबकि ‘हिंदुत्व’ शब्द वीर सावरकर द्वारा दिया गया था। हमारे सनातन धर्म में कटुता और नफरत के लिए कोई स्थान नहीं है।”

“संविधान खतरे में, चुनाव आयोग पर उठाए सवाल”
संविधान और मतदान के अधिकारों पर चिंता जताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का संविधान आज खतरे में है। उन्होंने मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पर चुनाव आयोग को घेरते हुए कहा कि संविधान हर भारतीय को मतदान का अधिकार देता है। मतदाता सूची में नाम जोड़ना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है, लेकिन आयोग के पास यह तय करने का अधिकार नहीं है कि कौन भारत का नागरिक है और कौन नहीं।
उन्होंने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि नोट चोरी और वोट चोरी, दोनों मामलों में ज्ञानेश कुमार की भूमिका रही है।



