Latest News
छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस: प्रधानमंत्री मोदी की शुभकामनाओं से मिली नई ऊर्जा, मुख्यमंत्री साय ने जताया आभार कोरबा कलेक्टर ने की बड़ी कार्रवाई: काम में लापरवाही और अनुपस्थिति पर पटवारी निलंबित 32 साल बाद बड़े पर्दे पर फिर लौटेगी ‘मोहरा’: जानिए कैसे एक ‘अंधे विलेन’ के दम पर बनी थी 90 के दशक की ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर! सर्दियों का सुपर फ्रूट: रोज सुबह अमरूद खाने के हैरान करने वाले फायदे और जरूरी सावधानियां महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल: क्या फिर एक होंगे उद्धव और शिंदे? एक नेता के बयान से सियासी पारे में उबाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एकता नगर में सरदार पटेल की जयंती पर देश को किया संबोधित, कहा- भारत अब रुकने वाला नहीं
Home » देश » मॉनसून पर बड़ा अपडेट: जुलाई की झमाझम बारिश के बाद अब अगस्त में बरसेंगे कम बादल, IMD ने जारी किया नया अनुमान!

मॉनसून पर बड़ा अपडेट: जुलाई की झमाझम बारिश के बाद अब अगस्त में बरसेंगे कम बादल, IMD ने जारी किया नया अनुमान!

Share:

नई दिल्ली | 31 जुलाई 2026 Indian Monsoon

चालू मॉनसून सीजन को लेकर भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से एक अहम और चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। हालांकि देश में जुलाई के महीने में हुई झमाझम बारिश ने जून की भारी कमी की काफी हद तक भरपाई कर दी है, लेकिन अब मॉनसून के दूसरे चरण (Second Half) में बारिश की रफ्तार धीमी पड़ने के आसार हैं। IMD के अनुसार, अगस्त और सितंबर के दौरान देश में सामान्य से कम बारिश दर्ज की जा सकती है।

Advt

सेकेंड हाफ के लिए IMD का मौसम पूर्वानुमान

मौसम विभाग के मुताबिक, अगस्त-सितंबर 2026 के दौरान पूरे देश में औसत से कम बारिश होने की संभावना है।

  • इस अवधि के लिए निर्धारित सामान्य वर्षा का आंकड़ा 422.8 मिलीमीटर (mm) है।

  • इस दौरान बारिश दीर्घावधि औसत (LPA) के 94% से कम रह सकती है।

  • राहत की बात: प्रायद्वीपीय भारत, मध्य भारत, उत्तर-पश्चिम भारत के उत्तरी हिस्सों और पूर्वोत्तर के कुछ क्षेत्रों में सामान्य या उससे अधिक बारिश होने की उम्मीद है।

अगस्त में कम बरसेंगे बदरा, बढ़ेगा तापमान

IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, अगस्त 2026 में भी देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान जताया गया है।

  • अगस्त महीने के लिए सामान्य बारिश का मानक 254.9 mm है।

  • हालांकि, पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ चुनिंदा हिस्सों में सामान्य या सामान्य से अधिक वर्षा हो सकती है।

  • पारे की चाल: अगस्त के महीने में देश के अधिकांश इलाकों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है, जिससे गर्मी व उमस का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ इलाकों में तापमान सामान्य या उससे कम भी रह सकता है।

क्यों कमजोर पड़ रहा है मॉनसून? (अल-नीनो का असर)

मौसम विभाग का कहना है कि वर्तमान में अल-नीनो (El-Nino) की स्थिति मध्यम स्तर पर बनी हुई है और मॉनसून के शेष सीजन में इसके और अधिक मजबूत होने की आशंका है। इसका सीधा असर बारिश के वितरण पर पड़ेगा।

दूसरी ओर, हिंद महासागर द्विध्रुव (IOD) फिलहाल तटस्थ स्थिति में है। हालांकि, कुछ अंतरराष्ट्रीय मौसम मॉडल सितंबर 2026 में सकारात्मक IOD के विकसित होने की संभावना जता रहे हैं, जिससे सितंबर के महीने में मॉनसून को कुछ हद तक सकारात्मक सहारा मिल सकता है। सितंबर के लिए विस्तृत पूर्वानुमान IMD अगस्त के अंत में जारी करेगा।

जुलाई की बेहतरीन बारिश ने बचाई स्थिति

जून महीने में मॉनसून की सुस्त शुरुआत के बाद, जुलाई ने देशवासियों को बड़ी राहत दी।

  • जून में सामान्य से करीब 40% कम बारिश दर्ज की गई थी।

  • जुलाई में हुई झमाझम बारिश से जून की इस भरपाई का अंतर तेजी से कम हुआ।

  • 1 जून से 30 जुलाई के बीच कुल 389.8 mm बारिश हो चुकी है, जो इस अवधि के सामान्य आंकड़े (445.8 mm) से महज 12.6% कम है।

  • इस प्रकार, जून की 40% की भारी कमी घटकर जुलाई के अंत तक मात्र 12.6% पर आ गई है, क्योंकि जुलाई के महीने में सामान्य से 1% अधिक बारिश दर्ज की गई।

latest news