क्राइम न्यूज डेस्क: प्यार को अक्सर जिंदगी देने वाला एहसास माना जाता है, लेकिन आज के दौर में यही प्यार कई बार जिंदगी छीनने की सबसे बड़ी वजह बनता जा रहा है। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) और वैश्विक मनोवैज्ञानिक अध्ययनों के आंकड़े एक खौफनाक हकीकत बयां करते हैं—देश में होने वाली हर 10 हत्याओं में से 1 के पीछे की वजह लव अफेयर्स या अवैध संबंध हैं।
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क्राइम की दुनिया में अब ‘प्यार’ हत्या की तीसरी सबसे बड़ी वजह बनकर उभरा है।
हालिया घटनाएं: सनक, साजिश और खौफनाक अंत
जब हम हाल के आपराधिक मामलों पर नजर डालते हैं, तो रूह कांप जाती है। रिश्तों में पनपी सनक किसी भी हद तक जाने को तैयार है:
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पुणे (ताजा मामला): सिया गोयल नाम की लड़की पर आरोप है कि उसने अपने बॉयफ्रेंड चेतन के साथ मिलकर अपने ही मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या कर दी। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) शुरुआत में इसे हादसा दिखाने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस जांच में इस खूनी साजिश का पर्दाफाश हो गया।
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बेंगलुरु (23 जून): प्यार का अंधापन इस कदर हावी हुआ कि एक लड़की ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर न सिर्फ अपने माता-पिता बल्कि अपनी छोटी बहन तक को मौत के घाट उतार दिया।
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मेरठ (मार्च 2025): सौरभ राजपूत की पत्नी मुस्कान ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर सौरभ की हत्या की और लाश को एक नीले ड्रम में डालकर कंक्रीट से भर दिया, ताकि सबूत कभी सामने न आएं।
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मुंबई और बिलासपुर (शुरुआती वर्ष): विरार (मुंबई) में शादी से इनकार करने पर एक मंगेतर और उसकी मां की हत्या कर दी गई। वहीं बिलासपुर में सिर्फ इंस्टाग्राम पर ब्लॉक किए जाने से नाराज एक लड़की ने अपने बॉयफ्रेंड को चाकू से गोद डाला।
- मध्यप्रदेश का राजा रघुवंशी मर्डर केस आज भी लोग उसे भूल नहीं पाये हैं।
क्या कहते हैं आंकड़े? (NCRB की रिपोर्ट)
हैरानी की बात यह है कि देश में कुल हत्याओं के मामलों में तो कमी आई है, लेकिन प्यार और अवैध संबंधों के कारण होने वाले मर्डर्स का ग्राफ तेजी से बढ़ा है।
| समयावधि / वर्ष | कुल हत्याएं (देशभर में) | लव अफेयर्स/अवैध संबंध से हत्याएं | कुल हत्याओं में हिस्सेदारी (%) |
|---|---|---|---|
| 2010 – 2014 | — | — | 7% से 8% |
| 2016 – 2024 | — | — | 10% से 11% |
| 2024 (अकेले) | 27,049 | 2,802 | 10% (हर 10 में से 1 कत्ल) |
मेट्रो शहरों का हाल: वर्ष 2024 में देश के सिर्फ 19 मेट्रो शहरों में लव अफेयर्स और अवैध संबंधों के कारण 187 मर्डर दर्ज किए गए। यानी देश के कुल ‘लव मर्डर्स’ का करीब 6.6% हिस्सा सिर्फ इन बड़े शहरों में अंजाम दिया गया।
मनोवैज्ञानिक विश्लेषण: आखिर प्यार कब बन जाता है जानलेवा?
यह समस्या सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्लोबल है। चीनी एकेडमी ऑफ साइंसेस (CAS) के इंस्टीट्यूट ऑफ साइकोलॉजी के प्रोफेसर वेन क्वी चेन ने 2021 में अपनी स्टडी ‘Analysis of the Psychological Factors of Love Murder Cases’ में उन मानसिक स्थितियों को डिकोड किया है, जहां प्यार, अपराध में बदल जाता है।
अध्ययन के अनुसार, प्यार में हत्या की 4 मुख्य वजहें होती हैं:
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ब्रेकअप (Breakup): रिश्ते का अचानक टूट जाना।
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तीसरे की एंट्री (Third Person): दो लोगों के बीच किसी और का आ जाना।
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बेवफाई (Cheating): भरोसे का टूटना।
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रिजेक्शन (Rejection): सामने वाले से इनकार न झेल पाना।
ये 3 स्थितियां व्यक्ति को बना देती हैं ‘कातिल’:
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त्रिकोण (The Triangle): जब रिश्ते में कोई तीसरा व्यक्ति आता है, तो वह पार्टनर की नजरों में सबसे बड़ा दुश्मन बन जाता है और उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची जाती है।
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अस्वीकार्यता (Inability to accept Breakup): जब एक पार्टनर रिश्ता खत्म करना चाहता है लेकिन दूसरा उसे स्वीकार नहीं कर पाता। ऐसे में ‘पुराना पार्टनर’ नए साथी को या अपने ही पार्टनर को जान से मारने पर आमादा हो जाता है।
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धोखे का प्रतिशोध (Revenge of Cheating): जब किसी को प्यार में धोखा मिलता है, तो वह ईर्ष्या, असुरक्षा और गुस्से में आकर हिंसक कदम उठा लेता है।
निष्कर्ष
असुरक्षा की भावना, पजेसिवनेस (हद से ज्यादा हक जताना) और रिजेक्शन को बर्दाश्त न कर पाना आज के युवाओं को हिंसक बना रहा है। जिसे हम ‘प्यार’ समझ रहे हैं, वह असल में सनक और मानसिक बीमारी का रूप ले रहा है। जरूरत है कि रिश्तों में ‘ना’ सुनने की आदत डाली जाए और सोशल मीडिया व आधुनिक दौर के इस दौर में मानसिक स्वास्थ्य और काउंसलिंग पर ध्यान दिया जाए।








