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भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार: रिश्वत मांगने वाली कटघोरा तहसील की सहायक ग्रेड-02 निलंबित

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कलेक्टर कुणाल दुदावत की बड़ी कार्रवाई; निलंबन अवधि में पोंड़ीउपरोड़ा रहेगा नया मुख्यालय

कोरबा, 22 जून 2026: कोरबा जिले में सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। इसी कड़ी में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री कुणाल दुदावत ने तहसील कार्यालय कटघोरा में पदस्थ सहायक ग्रेड-02, श्रीमती मंजू कृष्णा धिरही को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है।

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वीडियो सबूत के आधार पर हुई कार्रवाई

यह पूरा मामला तब सामने आया जब अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कटघोरा के पास एक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। आवेदक श्री किशन कुमार ने आरोप लगाया था कि तहसील कार्यालय में नक़ल जारी करने के बदले उनसे अवैध रूप से पैसों (रिश्वत) की मांग की जा रही है। शिकायतकर्ता ने अपने दावों को सच साबित करने के लिए एक वीडियो रिकॉर्डिंग भी सबूत के तौर पर पेश की थी।

एसडीएम कटघोरा द्वारा मामले की बारीकी से जांच और वीडियो परीक्षण करने के बाद, कर्मचारी के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश करते हुए एक रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी गई थी।

नियमों के उल्लंघन पर गिरी गाज

जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर कोरबा ने पाया कि संबंधित महिला कर्मचारी का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के बिल्कुल विपरीत है। इसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें तुरंत निलंबित कर दिया गया।

निलंबन के मुख्य बिंदु:

  • नया मुख्यालय: निलंबन की अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय पोंड़ीउपरोड़ा तय किया गया है।

  • भत्ता: नियमानुसार इस पूरी अवधि के दौरान उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता मिलता रहेगा।

प्रशासन की चेतावनी: अनियमितता कतई बर्दाश्त नहीं

जिला प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए साफ संदेश दिया है कि आम नागरिकों से अवैध वसूली, भ्रष्ट आचरण या काम में किसी भी तरह की लापरवाही को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ आगे भी ऐसी ही सख्त दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।

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