रायपुर/अभनपुर, 21 जून।
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज (रविवार) एक दिवसीय संक्षिप्त प्रवास पर छत्तीसगढ़ पहुंचे। रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर उनका पैर पड़ते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और दिग्गज नेताओं ने जबरदस्त उत्साह के साथ उनका स्वागत किया। छत्तीसगढ़ में संगठन को जमीनी स्तर पर बेहद मजबूत और धारदार बनाने के इरादे से आए राहुल गांधी एयरपोर्ट से सीधे अभनपुर के लिए रवाना हुए, जहां प्रदेश स्तरीय कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
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इस बेहद अहम और रणनीतिक दौरे के दौरान राहुल गांधी करीब 4 घंटे 40 मिनट छत्तीसगढ़ में बिताएंगे और शाम 6:40 बजे वापस नई दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगे।
एयरपोर्ट पर पारंपरिक स्वागत, दिग्गजों का लगा जमावड़ा
राहुल गांधी के रायपुर पहुंचते ही एयरपोर्ट पर कांग्रेस के आला नेताओं ने उनकी अगवानी की। स्वागत करने वालों में मुख्य रूप से:
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सचिन पायलट (छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस प्रभारी)
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डॉ. चरणदास महंत (नेता प्रतिपक्ष, छत्तीसगढ़ विधानसभा)
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दीपक बैज (प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष)
इनके अलावा बड़ी संख्या में विधायक, पूर्व मंत्री और सैकड़ों की तादाद में कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने राहुल गांधी को फूलों के बड़े हार पहनाए और छत्तीसगढ़ की संस्कृति व अस्मिता के प्रतीक पारंपरिक राजकीय गमछे से उनका आत्मीय अभिनंदन किया।
अभनपुर शिविर में ‘पावर गेम’ बदलने की तैयारी: जिला अध्यक्षों को सीधे AICC से जोड़ने पर मंथन
एयरपोर्ट से सीधे अभनपुर पहुंचे राहुल गांधी का मुख्य फोकस संगठन के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ यानी ‘जिला अध्यक्षों’ को रिचार्ज करना है। इस बंद कमरे के प्रशिक्षण शिविर में प्रदेशभर से आए जिला अध्यक्षों के साथ राहुल गांधी वन-टू-वन और सामूहिक संवाद कर रहे हैं।
सूत्रों के हवाले से जो बड़ी खबरें निकलकर सामने आ रही हैं, वे कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव की ओर इशारा करती हैं:
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निर्णय प्रक्रिया का विकेंद्रीकरण: पार्टी के भीतर इस बात पर गंभीरता से मंथन चल रहा है कि जिला इकाइयों को पहले से कहीं अधिक अधिकार दिए जाएं। स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक फैसले लेने के लिए उन्हें स्वतंत्र किया जाए ताकि जमीनी परिस्थितियों के हिसाब से तुरंत एक्शन लिया जा सके।
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AICC से सीधा कनेक्शन: भविष्य में जिला अध्यक्षों की भूमिका को और अधिक प्रभावी और शक्तिशाली बनाया जा रहा है। अब जिला अध्यक्षों को सीधे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) से समन्वय स्थापित करने की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है, जिससे प्रदेश स्तर पर होने वाली गुटबाजी या देरी से बचा जा सके।
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फीडबैक और चुनौतियां: राहुल गांधी प्रत्येक जिला अध्यक्ष से उनके क्षेत्र की राजनीतिक परिस्थितियों, जातिगत और सामाजिक समीकरणों तथा विपक्षी दल (भाजपा) का मुकाबला करने में आ रही संगठनात्मक चुनौतियों पर सीधी रिपोर्ट ले रहे हैं।
4 घंटे 40 मिनट का मिनट-टू-मिनट शेड्यूल
एआईसीसी द्वारा जारी आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार राहुल गांधी का छत्तीसगढ़ का यह दौरा पूरी तरह से संगठनात्मक एजेंडे पर टिका हुआ है:
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दोपहर बाद: रायपुर एयरपोर्ट पर आगमन और अभनपुर के लिए रवानगी।
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शाम 5:30 बजे तक: अभनपुर प्रशिक्षण शिविर में मौजूदगी। यहां वे संगठन निर्माण, फील्ड विजिट (जनसंपर्क), सोशल मीडिया एक्टिविटी और सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर सक्रियता बढ़ाने को लेकर गाइडलाइन देंगे।
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शाम 6:40 बजे: रायपुर एयरपोर्ट से विशेष विमान द्वारा नई दिल्ली के लिए वापसी।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा: राहुल गांधी का नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद छत्तीसगढ़ का यह पहला दौरा संगठन में नई जान फूंकने वाला माना जा रहा है। जिला अध्यक्षों को सीधे दिल्ली से जोड़ने की यह कवायद छत्तीसगढ़ कांग्रेस में सत्ता और संगठन के पुराने ढर्रे को बदलकर एक नए युग की शुरुआत कर सकती है।








