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कोरबा: 46 साल बाद फिर बेदखली का दंश झेलने को मजबूर जरहाजेल के विस्थापित, किसान सभा ने दी सड़क पर उतरने की चेतावनी

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कोरबा2 जून SECL (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) द्वारा जमीन अधिग्रहण के बाद जरहाजेल गांव से विस्थापित हुए परिवारों पर एक बार फिर बेदखली की तलवार लटक गई है। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) इन परिवारों को नगर पालिक निगम क्षेत्र के बरमपुर (आजाद नगर) में बसाया गया था, जिन्हें अब सड़क चौड़ीकरण के नाम पर हटने का आदेश जारी किया गया है। इस आदेश के बाद से वहां के निवासी गहरे खौफ में हैं।

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इस अमानवीय फैसले के खिलाफ छत्तीसगढ़ किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा के नेतृत्व में प्रभावित ग्रामीणों ने दर्री तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने मांग की है कि किसी भी प्रकार की बेदखली से पहले प्रभावितों के लिए उचित बसावट और मुआवजे की मुकम्मल व्यवस्था की जाए।

46 साल बाद फिर अमानवीय संकट: किसान सभा

किसान सभा के संयुक्त सचिव प्रशांत झा ने जिला प्रशासन और SECL के रवैये पर कड़ा आक्रोश जताया है। उन्होंने कहा:

“इन परिवारों को 46 वर्ष पहले जरहाजेल से विस्थापित कर बरमपुर के आजाद नगर में बसाया गया था। अब बिना किसी पुनर्वास व्यवस्था के उन्हें सड़क चौड़ीकरण के नाम पर उजाड़ना प्रशासन और SECL के अमानवीय चेहरे को उजागर करता है।”

किसान सभा ने मांग की है कि:

  • बेदखली के आदेश पर तत्काल रोक लगाई जाए।

  • किसी को भी हटाने से पहले उनके रहने (बसावट) की पूरी व्यवस्था की जाए।

  • प्रभावितों के मौजूदा मकानों का उचित मुआवजा दिया जाए। इस संबंध में जिला प्रशासन को भी पत्र लिखकर तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की गई है।

आज भी रोजगार और पुनर्वास से वंचित हैं किसान

जरहाजेल के विस्थापित किसान इंद्रप्रकाश कैवर्त और घासीराम कैवर्त ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि SECL ने दशकों पहले उनके गांव का अधिग्रहण किया था, लेकिन वे आज भी रोजगार और स्थायी बसावट के लिए भटक रहे हैं। 46 साल बाद फिर से उजाड़ने की इस कोशिश का वे पुरजोर विरोध करते हैं। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) किसान सभा ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जबरन बेदखली की कोशिश की गई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा और ग्रामीण सड़कों पर उतरेंगे।

ज्ञापन सौंपने में ये रहे शामिल

तहसीलदार को ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में प्रभावित किसानों के साथ प्रमुख रूप से निम्नलिखित लोग उपस्थित थे:

▪️प्रशांत झा (प्रदेश संयुक्त सचिव, किसान सभा)▪️रेशम लाल यादव▪️दामोदर श्याम▪️घासीराम कैवर्त▪️इंद्रप्रकाश कैवर्त▪️शिव प्रसाद▪️अनूप कुमार▪️राजू कैवर्त▪️सुशील कुमार▪️गौतम यादव

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