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कोरबा: पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल का केंद्र सरकार पर तीखा हमला; महंगाई, खाद संकट और नीतियों पर उठाए गंभीर सवाल

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कोरबा 16 मई: छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल ने शुक्रवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की कड़े शब्दों में आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की जनता पिछले कई महीनों से महंगाई, ईंधन संकट और खाद की भारी कमी से जूझ रही है, लेकिन केंद्र सरकार समाधान निकालने के बजाय जनता को ही कटौती करने की नसीहत दे रही है।

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पूर्व मंत्री ने प्रधानमंत्री द्वारा किसानों से खाद, महिलाओं से तेल-गैस की खपत घटाने, और आम लोगों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ करने व सोना न खरीदने जैसी अपीलों को जनता की परेशानियों को और बढ़ाने वाला बयान बताया।


“किसानों को खाद नहीं, सिर्फ मिल रही सलाह”

  • दावे और हकीकत: जय सिंह अग्रवाल ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करने वाली सरकार आज पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।

  • आंकड़ों का गणित: उन्होंने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में जहां लगभग 15 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की आवश्यकता है, वहीं अब तक सोसायटियों में केवल 51 हजार मीट्रिक टन ही पहुंच सका है। इस कमी के कारण किसानों की लागत बढ़ रही है और उत्पादन पर बुरा असर पड़ रहा है।

“वर्क फ्रॉम होम की सलाह गरीबों के साथ मजाक”

  • अव्यावहारिक सुझाव: पूर्व मंत्री ने प्रधानमंत्री की ‘वर्क फ्रॉम होम’ की सलाह को गरीबों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों के लिए पूरी तरह अव्यावहारिक बताया।

  • नेहरू जी का जिक्र: उन्होंने कहा कि रोज कमाकर खाने वाले फेरीवाले, मजदूर और छोटे दुकानदार घर बैठकर परिवार नहीं पाल सकते। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने “आराम हराम है” का नारा दिया था, जबकि आज की सरकार लोगों को घरों में बैठने को कह रही है।

महंगाई की मार: बेपटरी हुआ रसोई का बजट

  • बढ़ते दाम: खाद्य तेल सहित रोजमर्रा की सभी आवश्यक वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे गृहणियों को हर चीज में कटौती करनी पड़ रही है।

  • सोने की कीमतों में भारी उछाल: जय सिंह अग्रवाल ने तुलना करते हुए कहा कि वर्ष 2013 में जो सोना लगभग ₹28,500 प्रति 10 ग्राम था, वह आज बढ़कर करीब ₹1.58 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच चुका है।

पेट्रोल-डीजल, गैस और GST के जाल में फंसा आम आदमी

  • ईंधन और व्यापार संकट: देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है और कई हिस्सों में ईंधन संकट बना हुआ है। कमर्शियल गैस की कमी के कारण छोटे-बड़े उद्योग और व्यापार ठप होने की कगार पर हैं।

  • बढ़ता कर्ज: बढ़ती बेरोजगारी, टोल टैक्स, रेल किराए में वृद्धि और जरूरी चीजों पर थोपे गए GST के कारण आम आदमी की बचत खत्म हो गई है। मध्यम और गरीब वर्ग के लोग अपनी बुनियादी जरूरतें पूरी करने के लिए भी कर्जदार होते जा रहे हैं।


संकट संभालने में नाकाम रही सरकार

प्रेसवार्ता के अंत में जय सिंह अग्रवाल ने कहा कि देश ने पहले भी कई बड़े संकट देखे हैं, लेकिन तब की सरकारें विपक्ष को विश्वास में लेकर फैसले लेती थीं। इसके विपरीत, वर्तमान केंद्र सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए सारी जिम्मेदारी जनता के सिर मढ़ रही है और समस्याओं का समाधान खोजने में पूरी तरह असफल रही है।

इस अवसर पर विधायक फूलसिंह राठिया, शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश राठौर , ग्रामीण जिलाध्यक्ष मनोज चौहान, पूर्व सभापति श्याम सुंदर सोनी सहित कांग्रेस कार्यकर्ता  उपस्थित थे।

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