बहरमपुर 4 मई 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना से चंद घंटों पहले सूबे का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। अपनी विवादित बयानबाजी और बगावती तेवरों के लिए मशहूर आम जनता उन्नयन पार्टी (AUJP) के संस्थापक हुमायूं कबीर ने अपना ‘पर्सनल एग्जिट पोल’ जारी कर सबको चौंका दिया है। कबीर का दावा है कि बंगाल में इस बार न ममता का जादू चलेगा और न ही बीजेपी का ‘कमल’ पूर्ण बहुमत ला पाएगा।
‘तीसरे नंबर पर रहेगी मेरी पार्टी, चाबी मेरे हाथ में होगी’
हुमायूं कबीर ने रविवार को मीडिया से बात करते हुए एक बड़ा दांव खेला है। उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि कल किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिलेगा। टीएमसी और बीजेपी पहले या दूसरे स्थान के लिए लड़ सकते हैं, लेकिन मेरी पार्टी (AUJP) तीसरे नंबर पर आएगी।” कबीर का दावा है कि उनके 115 उम्मीदवारों में से अधिकांश जीत दर्ज करेंगे और उनके बिना बंगाल में किसी की सरकार नहीं बनेगी।
होटल में ‘किलाबंदी’ की तैयारी: बहरमपुर बनेगा सियासी केंद्र
खरीद-फरोख्त और पाला बदलने के डर के बीच हुमायूं कबीर ने अभी से अपने ‘सिपाहियों’ को सुरक्षित करने का प्लान बना लिया है। उन्होंने एलान किया है कि जितने भी उम्मीदवार जीतेंगे, उन्हें तुरंत बहरमपुर के एक होटल में शिफ्ट कर दिया जाएगा। कबीर खुद उनकी निगरानी करेंगे ताकि कोई भी दल उनके विधायकों में सेंध न लगा सके।
बगावत से गठबंधन टूटने तक का सफर
गौरतलब है कि हुमायूं कबीर कभी ममता बनर्जी के करीबी थे, लेकिन ‘बाबरी मस्जिद’ बनाने के विवादित एलान के बाद टीएमसी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया था। इसके बाद:
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उन्होंने अपनी नई पार्टी (AUJP) बनाई।
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ओवैसी की AIMIM के साथ गठबंधन किया, लेकिन एक ‘कथित स्टिंग वीडियो’ (जिसमें उन पर बीजेपी से पैसे लेने के आरोप लगे) के बाद ओवैसी ने उनसे किनारा कर लिया।
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अब वे अकेले दम पर बंगाल की सत्ता की ‘चाबी’ अपने पास होने का दावा कर रहे हैं।
क्या समीकरण बदलेंगे?
दो चरणों में हुए रिकॉर्डतोड़ मतदान ने पहले ही विशेषज्ञों को उलझा रखा है। जहां टीएमसी और बीजेपी अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं, वहीं हुमायूं कबीर की ‘तीसरे नंबर’ वाली थ्योरी ने मुकाबले को बेहद दिलचस्प और सस्पेंस से भर दिया है। क्या वाकई कबीर ‘किंगमेकर’ बनेंगे या यह महज एक सियासी गुब्बारा है? जवाब कल ईवीएम खुलने के साथ मिल जाएगा।







