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भारतीय नौसेना को मिला छठा स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट ‘महेंद्रगिरी’

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मुंबई 1 मई 2026 : भारतीय नौसेना की समुद्री ताकत में आज एक और बड़ा इजाफा हुआ है। ‘प्रोजेक्ट 17ए’ के तहत निर्मित छठा स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट ‘महेंद्रगिरी’ (यार्ड 12654) गुरुवार, 30 अप्रैल 2026 को आधिकारिक रूप से भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया। इसका निर्माण मुंबई स्थित मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDSL) द्वारा किया गया है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज।

आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम

नीलगिरी श्रेणी का यह जहाज युद्धपोत डिजाइन और निर्माण के क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। इसे युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो (WDB) ने तैयार किया है। खास बात यह है कि इस परियोजना में लगभग 75 प्रतिशत उपकरण और सामग्रियां स्वदेशी हैं, जिसमें देश के 200 से अधिक लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) का योगदान रहा है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज।

अत्याधुनिक तकनीक से लैस

महेंद्रगिरी एक बहु-मिशन प्लेटफॉर्म है, जो आधुनिक समुद्री चुनौतियों से निपटने में सक्षम है। इसकी मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • स्टील्थ क्षमता: यह दुश्मन के रडार की पकड़ में आसानी से नहीं आता।

  • हथियार और सेंसर: इसमें सतह, हवा और पनडुब्बी रोधी युद्ध के लिए शक्तिशाली प्रणालियां लगी हैं।

  • प्रणोदन: यह ‘सीओडीओजी’ (CODOG) तकनीक पर आधारित है, जिसमें डीजल इंजन और गैस टरबाइन दोनों का उपयोग होता है।

  • प्रबंधन: इसमें एक उन्नत ‘एकीकृत प्लेटफॉर्म प्रबंधन प्रणाली’ (IPMS) लगाई गई है।

तेजी से हुआ निर्माण

मजगांव डॉक ने पहले जहाज ‘नीलगिरी’ की डिलीवरी (दिसंबर 2024) के मात्र 17 महीनों के भीतर महेंद्रगिरी को तैयार कर नौसेना को सौंप दिया है। इस पूरी परियोजना ने देश में बड़े स्तर पर रोजगार भी पैदा किया है, जिससे प्रत्यक्ष रूप से 4,000 और अप्रत्यक्ष रूप से 10,000 से अधिक लोगों को काम मिला है।

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