नई दिल्ली 28 अप्रैल 2026: : राजनीति में जब रिश्ते टूटते हैं, तो हमले कितने निजी हो सकते हैं, इसका उदाहरण आज आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने पेश कर दिया। राघव चड्ढा के भाजपा में शामिल होने के बाद से दिल्ली की सियासत में जो उबाल शुरू हुआ था, उसने अब एक नया और विवादित मोड़ ले लिया है।
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“पार्टी की बदौलत मिली पहचान”
सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्ढा की निजी जिंदगी पर कटाक्ष करते हुए एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि राघव की बॉलीवुड स्टार परिणीति चोपड़ा से शादी केवल इसलिए हो सकी क्योंकि उनके पास ‘आप’ द्वारा दी गई राज्यसभा की सदस्यता थी। भारद्वाज ने कड़े शब्दों में कहा, “अगर पार्टी उन्हें राज्यसभा नहीं भेजती, तो उन्हें कोई पूछने वाला नहीं था।” यह बयान राघव के राजनीतिक कद और उनकी निजी लाइफ के बीच एक ऐसी लकीर खींचता है, जिसने बहस छेड़ दी है।
भाजपा के साथ ‘फिक्स्ड मैच’ का आरोप
भारद्वाज ने केवल शादी पर ही बात नहीं की, बल्कि राघव को भाजपा का ‘मोहरा’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राघव ने भाजपा के साथ मिलकर आम आदमी पार्टी की पीठ में छुरा घोंपा है। उनके अनुसार, संसद में राघव की सक्रियता महज एक दिखावा थी और भाजपा जानबूझकर उनकी इमेज को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही थी ताकि सही समय पर पार्टी को तोड़ा जा सके।
सात सांसदों का ‘सरेंडर’: केजरीवाल की ताकत आधी
सोमवार, 27 अप्रैल 2026 की तारीख आम आदमी पार्टी के इतिहास के काले पन्नों में दर्ज हो गई है। राज्यसभा के सभापति ने राघव चड्ढा समेत ‘आप’ के सभी 7 सांसदों के भाजपा में आधिकारिक विलय को हरी झंडी दे दी है। इस झटके ने अरविंद केजरीवाल को संसद के उच्च सदन में पूरी तरह कमजोर कर दिया है।
अब भाजपा 113 सांसदों के साथ राज्यसभा में अभूतपूर्व मजबूती के साथ खड़ी है। इस लिस्ट में हरभजन सिंह और स्वाति मालिवाल जैसे नाम शामिल होने से राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि क्या यह ‘आप’ के अंत की शुरुआत है? राघव चड्ढा के ताजा पलटवार ने संकेत दे दिए हैं कि अब वार-प्रतिवार का यह दौर रुकने वाला नहीं है।
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