नई दिल्ली/रायपुर 26 अप्रैल 2026 :
देश की राजनीति में ‘आम आदमी पार्टी’ (AAP) के भीतर मचे घमासान ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल समेत 7 राज्यसभा सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के बाद सियासी गलियारों में कयासों का दौर जारी है। इस बीच, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने दिल्ली से लेकर रायपुर तक खलबली मचा दी है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज।
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“पर्दे के पीछे की कहानी आई सामने”
भूपेश बघेल ने AAP के सांसदों के पाला बदलने को एक ‘पॉलिश्ड स्क्रिप्ट’ का हिस्सा बताया है। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) उन्होंने कहा कि यह कोई वैचारिक परिवर्तन नहीं है, बल्कि उस “बी टीम” का असली चेहरा है जो हमेशा से बीजेपी के इशारों पर काम कर रही थी।
बघेल ने दावा किया कि सांसदों का जाना तो सिर्फ एक औपचारिक शुरुआत है, असली धमाका अभी बाकी है। उन्होंने सीधे तौर पर अरविंद केजरीवाल को निशाने पर लेते हुए कहा कि जिस तरह से पार्टी की पूरी नींव और शीर्ष नेतृत्व एक खास दिशा में बढ़ रहा है, ( आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) उसे देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि केजरीवाल का भाजपा में जाना अब महज़ कुछ समय की बात रह गई है।
बघेल के हमले के मुख्य बिंदु:
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वैचारिक घर वापसी: बघेल के अनुसार, ये सभी नेता विवेकानंद फाउंडेशन और अन्ना आंदोलन के समय से ही एक विशेष दक्षिणपंथी विचारधारा के करीब थे।
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केजरीवाल पर सीधी चोट: बघेल ने तंज कसा, “जब घर के सारे बड़े सदस्य पड़ोसियों के यहाँ बस गए हों, तो घर का मुखिया कब तक अकेला बचेगा?”
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संदीप पाठक का जिक्र: छत्तीसगढ़ प्रभारी संदीप पाठक के बीजेपी में जाने पर उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि AAP का मिशन कांग्रेस को नुकसान पहुँचाना था, जो अब पूरा हो चुका है।
राजनीतिक विश्लेषकों की राय
राजनीतिक पंडितों का मानना है कि बघेल का यह बयान कांग्रेस की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वह AAP को भाजपा की सहयोगी साबित कर विपक्षी वोटों के ध्रुवीकरण को रोकना चाहती है। हालांकि, सांसदों के इस सामूहिक दलबदल ने AAP के संगठनात्मक ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल, पूरा देश इस ‘पॉलिटिकल सस्पेंस’ के अगले अध्याय का इंतज़ार कर रहा है। क्या केजरीवाल वाकई कोई चौंकाने वाला कदम उठाएंगे या बघेल का यह दावा सिर्फ एक राजनीतिक हमला बनकर रह जाएगा?
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