कोरबा छत्तीसगढ़ 17 अप्रैल । टी.पी. नगर की सड़कों पर इन दिनों एक अजीबोगरीब ‘स्मार्ट चोरी’ की चर्चा है। यहाँ के चोरों ने साबित कर दिया है कि वे केवल आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि ‘मानसिक’ रूप से भी कितने विकसित हो चुके हैं। अब उन्हें जनता के बटुए से ज्यादा नगर निगम के ‘पाम ट्री’ पसंद आने लगे हैं।
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लोकार्पण का ‘इनाम’ और चोरों का ‘प्रेम’
अभी कुछ ही दिन पहले शहर को ‘ग्रीन बेल्ट’ बनाने का सपना दिखाकर डिवाइडरों पर 160 बड़े पौधे लगाए गए थे। शायद चोरों को लगा कि सड़क पर धूल फांकते ये पौधे उनके आंगन में ज्यादा खुश रहेंगे। मंगलवार की सुबह 4 बजे, जब पुलिस गश्त की थकान मिटा रही होगी, तब चार ‘पर्यावरण प्रेमी’ चोरों ने बड़े ही शांत तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया।
खबर के मुख्य व्यंग्य बिंदु:
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टेक्नोलॉजी का सही उपयोग: चोर पैदल नहीं आए थे, उन्होंने बाकायदा ‘इलेक्ट्रिक ऑटो’ का इस्तेमाल किया। प्रदूषण मुक्त चोरी! इसे कहते हैं—पर्यावरण बचाते हुए पर्यावरण (पौधे) की चोरी करना।
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साहस की पराकाष्ठा: बीच सड़क पर लगे पौधों को उखाड़ना कोई मामूली बात नहीं है। इसके लिए जितनी हिम्मत चाहिए, उतनी अगर किसी वैध काम में लगाई जाती तो शायद ये चोर आज खुद के नर्सरी मालिक होते।
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अधिकारियों का सिरदर्द: निगम के अधिकारी अब इस उलझन में हैं कि पौधों को बचाने के लिए उन पर ‘लोहे के पिंजरे’ लगवाएं या हर पौधे के पास एक गार्ड तैनात करें।
“शहर को सुंदर बनाने की नगर निगम की कोशिशों पर उन चोरों ने ‘पानी’ फेर दिया है, जिन्हें शायद मुफ्त की हरियाली अपनी जागीर लगने लगी है।”
सीसीटीवी में कैद…
फिलहाल, सीसीटीवी में कैद चोरों की यह ‘हास्यास्पद’ हरकत सोशल मीडिया पर वायरल है। पुलिस उन चार ‘कलाकारों’ को ढूंढ रही है जिन्होंने विकास की जड़ों को ही उखाड़ दिया।
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