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पावर प्लांट या मौत का अड्डा? कांग्रेस की जांच में खुला वेदांता ब्लास्ट का ‘प्रिया कनेक्शन’!

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पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के नेतृत्व में कांग्रेस दल ने की जांच, प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप

सक्ती/रायगढ़। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई में वेदांता पावर प्लांट का भीषण बॉयलर विस्फोट अब केवल एक औद्योगिक दुर्घटना नहीं रह गया है। वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर विस्फोट के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा गठित जांच कमेटी के संयोजक व पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने बुधवार को दिग्गज नेताओं के साथ घटनास्थल का दौरा किया।  कांग्रेस की उच्च स्तरीय जांच कमेटी ने इस ‘नरसंहार’ के पीछे एक सनसनीखेज ‘प्रिया कनेक्शन’ का खुलासा किया है।

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जांच दल के संयोजक जयसिंह अग्रवाल ने घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण करने के बाद मीडिया से चर्चा में बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि: बुधवार को वेदांता की गैर-कार्यकारी निदेशक प्रिया हेबर का प्लांट दौरा प्रस्तावित था। प्रबंधन प्रिया हेबर के सामने ‘रिकॉर्ड बिजली उत्पादन’ का प्रदर्शन कर वाहवाही बटोरना चाहता था। इसी प्रदर्शन के चक्कर में बॉयलर को उसकी निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक प्रेशर पर चलाया जा रहा था। सुरक्षा नियमों को दरकिनार कर मशीनों को उनकी चरम सीमा (Limit) के पार धकेला गया, जिससे यह भयावह विस्फोट हुआ।

पूर्व मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि हमें जानकारी मिली है कि “जैसे ही धमाका हुआ और लाशें बिछीं, प्रिया हेबर जो बालको तक पहुँच चुकी थीं, डर के मारे वहीं से दिल्ली वापस लौट गईं। यह दिखाता है कि प्रबंधन अपनी गलती और इसके परिणामों से वाकिफ था।”


मलबे के ढेर पर कांग्रेस के दिग्गज

घटनास्थल पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मलबे में तब्दील हो चुके बॉयलर क्षेत्र का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया और वहां मौजूद  तकनीकी टीम से तीखे सवाल किए। नेताओं ने बॉयलर क्षेत्र की तबाही को देखते हुए इसे प्रबंधन की ‘अति-महत्वाकांक्षा’ का नतीजा बताया। कांग्रेस दल ने मृत श्रमिकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

जांच दल में पूर्व मंत्री उमेश पटेल, नोबेल वर्मा, रामकुमार यादव, उत्तरी जांगड़े, बालेश्वर साहू, राघवेंद्र सिंह, व्यास कश्यप, रश्मि गबेल और राजेश अग्रवाल जैसे कद्दावर नेता शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में प्रबंधन की लापरवाही की निंदा की और इसे ‘मैनेजमेंट द्वारा की गई हत्या’ करार दिया।

अस्पताल में सिसकती जिंदगी और कांग्रेस की मांगें

  निरीक्षण के पश्चात जयसिंह अग्रवाल और कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल रायगढ़ स्थित फोर्टिस ओ.पी. जिंदल अस्पताल पहुँचा, जहाँ 15 से अधिक झुलसे हुए श्रमिक जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। नेताओं ने घायलों के परिजनों को ढांढस बंधाया और अस्पताल प्रबंधन को सर्वश्रेष्ठ इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कांग्रेस ने सरकार और प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

कांग्रेस की मुख्य मांगें:

दोषियों पर एफआईआर: जयसिंह अग्रवाल ने मांग की है कि रिकॉर्ड उत्पादन का दबाव बनाने वाले बड़े अधिकारियों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही हो।

निष्पक्ष जांच:मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए ताकि सच सामने आ सके।

न्याय और मुआवजा: पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता और आश्रितों को सरकारी मापदंडों के अनुसार नौकरी दी जाए

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