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बंदूक छोड़ अब ‘बैलट’ के मुरीद: छत्तीसगढ़ विधानसभा में 120 पूर्व नक्सलियों ने देखा लोकतंत्र का मंदिर

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डिनर से लेकर विधानसभा तक का सफर

रायपुर | 27 फरवरी, 2026 : छत्तीसगढ़ के इतिहास में शुक्रवार का दिन एक बड़ी वैचारिक क्रांति का गवाह बना। बस्तर के घनघोर जंगलों में कभी ‘लाल आतंक’ का पर्याय माने जाने वाले 120 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने आज रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यवाही का सजीव अवलोकन किया। यह पहला मौका है जब इतनी बड़ी संख्या में पूर्व माओवादी, लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था के भीतर बैठकर सरकार और विपक्ष के बीच होने वाली लोकतांत्रिक बहस के साक्षी बने।

डिनर से लेकर विधानसभा तक का सफर

इस ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत एक दिन पहले ही हो गई थी। गुरुवार रात को उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने अपने निवास पर इन सभी पूर्व नक्सलियों के लिए ‘रेड कार्पेट’ बिछाया और उनके साथ बैठकर भोजन किया। डिप्टी सीएम ने प्रोटोकॉल किनारे रखकर उनसे आत्मीय संवाद किया और पूछा, “रायपुर कैसा लगा?” इसके बाद शुक्रवार को उन्हें कड़ी सुरक्षा और सम्मान के साथ विधानसभा परिसर लाया गया।

मुख्यमंत्री ने बताया ‘ऐतिहासिक पल’

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस घटना को प्रदेश के लिए गौरवशाली बताया। उन्होंने सदन में कहा:

“यह हमारी पुनर्वास नीति की बड़ी सफलता है। जो लोग कभी लोकतंत्र के विरोधी थे, आज वे इस व्यवस्था का हिस्सा बनने आए हैं। यह दृश्य बताता है कि बस्तर का मिजाज बदल रहा है। मुझे विश्वास है कि जंगल में बचे हुए अन्य माओवादी भी एक महीने के भीतर आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौट आएंगे।”

आतंक के पर्याय से नागरिक बनने तक

विधानसभा पहुंचे इन युवकों में कई ऐसे भी थे जिन पर लाखों के इनाम थे और जो कई बड़ी हिंसक वारदातों में शामिल रहे थे। सरकार की नया पुनर्वास नीति और ‘नियद नेल्लानार’ (आपका अच्छा गांव) योजना से प्रभावित होकर इन्होंने आत्मसमर्पण किया। अब ये पूर्व नक्सली न केवल सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं, बल्कि स्किल ट्रेनिंग के जरिए नया जीवन भी शुरू कर रहे हैं।

31 मार्च का लक्ष्य

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश से नक्सलवाद खत्म करने के लिए 31 मार्च 2026 की समय सीमा तय की है। आज की यह घटना उस लक्ष्य की ओर एक बड़ा कदम मानी जा रही है। विधानसभा की कार्यवाही देखकर लौटे इन युवाओं ने चेहरे पर मुस्कान के साथ कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे भी कभी इस भव्य इमारत के भीतर बैठकर अपनी किस्मत का फैसला होते देखेंगे।

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