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मेहंदी लगे हाथ और आंखों में आंसू: मनेन्द्रगढ़ में शादी के मंडप की जगह अस्पताल पहुंचे 54 जोड़े, रफ्तार ने छीनी मुस्कान

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‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ का उत्सव एक भीषण चीख-पुकार में बदल गया

मनेन्द्रगढ़ | जिन हाथों में पिया के नाम की मेहंदी रची थी और जिन आंखों में नए संसार के सुनहरे सपने थे, वहां आज सिर्फ आंसू और दहशत है। मनेन्द्रगढ़ जिले में सोमवार का सूरज खुशियां लेकर आया था, लेकिन दोपहर होते-होते ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ का उत्सव एक भीषण चीख-पुकार में बदल गया। जनकपुर से रतनपुर जा रही दुल्हनों और दूल्हों से भरी एक तेज रफ्तार बस नागपुर के पास अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा समाई।

शहनाई की जगह गूंजी चीखें

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ‘दुर्गा बस’ काल की रफ्तार से दौड़ रही थी। नागपुर रेलवे स्टेशन के समीप पोड़ी थाना क्षेत्र में चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और देखते ही देखते बस सड़क किनारे एक गहरे गड्ढे में पलट गई। बस के भीतर का नजारा रूह कंपा देने वाला था; विवाह के जोड़ों में सजे युवक-युवती एक-दूसरे के ऊपर जा गिरे। जो बस मंगल गीतों से गूंज रही थी, वहां अब अपनों को पुकारने वाली चीखें सुनाई दे रही थीं।

निर्दयी निकले ‘सारथी’: तड़पते छोड़ भागे चालक-कंडक्टर

हादसे के बाद मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई। जहां स्थानीय ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर घायलों को बस से बाहर निकाल रहे थे, वहीं हादसे का कारण बने बस चालक और कंडक्टर घायलों को खून से लथपथ हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गए। उनकी इस कायरता ने घायलों की मदद करने के बजाय खुद को बचाने को प्राथमिकता दी।

प्रशासनिक चूक: यात्रियों की सुरक्षा भगवान भरोसे?

इस दर्दनाक हादसे ने सरकारी व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं:

▪️क्या सामूहिक विवाह जैसे बड़े आयोजन के लिए लगाई गई बस का फिटनेस टेस्ट हुआ था?▪️क्या बस में क्षमता से अधिक लोग सवार थे?▪️क्या सरकारी अमले ने इन जोड़ों की सुरक्षा के लिए कोई मॉनिटरिंग सिस्टम बनाया था?

अस्पताल में युद्ध स्तर पर उपचार

घटना की सूचना मिलते ही पोड़ी पुलिस और नागपुर चौकी की टीम मौके पर पहुंची। राहत कार्य शुरू कर सभी 54 घायल जोड़ों को तत्काल नागपुर उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। अस्पताल में अचानक इतनी बड़ी संख्या में घायलों के पहुंचने से अफरा-तफरी का माहौल रहा। गंभीर रूप से घायल जोड़ों को प्राथमिक उपचार के बाद बड़े अस्पतालों के लिए रेफर किया गया है। पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

मार्मिक पक्ष: सामूहिक विवाह के माध्यम से अपने जीवन की नई शुरुआत करने जा रहे ये जोड़े अब शादी के मंडप की जगह अस्पताल के वार्डों में अपनों की सलामती की दुआ मांग रहे हैं।

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