Latest News
आत्मसम्मान से समझौता नहीं! सिंगर दलेर मेहंदी विवाद पर बोले मंत्री सुबोध उनियाल- ‘इस्तीफा दे दूंगा, पर माफी नहीं मांगूंगा’ आंध्र प्रदेश के तट से टकराया भीषण चक्रवात ‘मुरासु’, 120 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रही हवाएं; ओडिशा-पुडुचेरी में अलर्ट धीरेंद्र शास्त्री की राम-कृष्ण टिप्पणी पर गर्माई राजनीति: दिग्विजय बोले ‘मूर्ख’, बघेल का कटाक्ष- ‘रेबीज की जांच हो’ रायपुर: श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल ने पार किया 45 हजार बाल शल्य चिकित्सा का ऐतिहासिक आंकड़ा, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने जताई खुशी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का रायपुर दौरा आज: ‘विकसित भारत संकल्प पार्क’ का करेंगे उद्घाटन,दौरे का पूरा मिनट-टू-मिनट शेड्यूल राज्योत्सव कार्यक्रम के दौरान एक पत्रकार के साथ मारपीट का मामला सामने आया, CAF आरक्षक निलंबित
Home » छत्तीसगढ़ » IPS बनाम सिस्टम: कवर्धा SP ने खोला मोर्चा, CM साय को पत्र लिख पदोन्नति में भेदभाव के लगाए गंभीर आरोप

IPS बनाम सिस्टम: कवर्धा SP ने खोला मोर्चा, CM साय को पत्र लिख पदोन्नति में भेदभाव के लगाए गंभीर आरोप

Share:

कवर्धा छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में उस वक्त हड़कंप मच गया जब कवर्धा के पुलिस अधीक्षक (SP) धर्मेंद्र सिंह छवई ने अपनी ही विभाग की पदोन्नति प्रक्रिया को कठघरे में खड़ा कर दिया। 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी छवई ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को एक पत्र लिखकर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं कि योग्यता के बावजूद उन्हें जानबूझकर DIG (उप पुलिस महानिरीक्षक) बनने से रोका गया है।

“दागी प्रमोट हुए, मैं क्यों नहीं?”

एसपी छवई का मुख्य आक्रोश इस बात पर है कि पदोन्नति में ‘दोहरे मापदंड’ अपनाए जा रहे हैं। पत्र के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

समानता का उल्लंघन: उन्होंने आरोप लगाया कि जिन अधिकारियों पर गंभीर आपराधिक मामले और अदालती कार्यवाही लंबित है, उन्हें प्रमोट कर दिया गया, लेकिन उन्हें नजरअंदाज किया गया।

नियमों की अनदेखी: उन्होंने गृह मंत्रालय (भारत सरकार) के 15 जनवरी 1999 के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि प्रमोशन तभी रुक सकता है जब अधिकारी निलंबित हो या चार्जशीट दाखिल हो चुकी हो। छवई के मुताबिक, उन पर ऐसी कोई स्थिति लागू नहीं होती।

लोकायुक्त जांच का पेंच: उनकी पदोन्नति लोकायुक्त संगठन, भोपाल में एक लंबित विवेचना का हवाला देकर रोकी गई है, जिसे उन्होंने अनुचित और भेदभावपूर्ण बताया है।

संविधान और अधिकारों की दुहाई

एसपी धर्मेंद्र सिंह छवई ने इसे संविधान के अनुच्छेद-16 (अवसर की समानता) का खुला उल्लंघन करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि विभाग की यह कार्यप्रणाली न केवल अन्यायपूर्ण है बल्कि नियमों के विरुद्ध भी है।

प्रशासन में मची खलबली

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी द्वारा पारदर्शिता पर सवाल उठाने के बाद अब गेंद मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के पाले में है। चर्चा इस बात की भी है कि क्या सरकार इस मामले में समीक्षा करेगी या एसपी के इस खुले विद्रोह पर कोई अनुशासनात्मक रुख अपनाएगी।

सीएम को लिखा गया पत्र