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नीलकंठ की भांति संघ: पंडित प्रदीप मिश्रा ने RSS के राष्ट्र सेवा की तुलना भगवान शिव के विषपान से की

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“RSS is like Neelkanth: Pandit Pradeep Mishra compares RSS’s National Service to Lord Shiva consuming poison.”

भोपाल 4 जनवरी 2026 : मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में गत दिवस आयोजित ‘सामाजिक सद्भाव बैठक’ को एक ऐतिहासिक संवाद की गवाह बनी। प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की कार्यप्रणाली की तुलना भगवान शिव के स्वरूप से करते हुए इसे राष्ट्र रक्षा का सुरक्षा कवच बताया। मंच पर संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत की गरिमामयी उपस्थिति में पंडित मिश्रा ने संघ के त्याग और समर्पण को रेखांकित किया।

अपमान का विष पीकर समाज को दे रहे अमृत

सभागार में उपस्थित प्रबुद्धजनों और स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि जिस प्रकार महादेव ने सृष्टि को बचाने के लिए हलाहल विष को अपने कंठ में धारण किया था, ठीक उसी प्रकार संघ के स्वयंसेवक राष्ट्र की एकता के लिए समाज की आलोचनाओं और अपमान का विष पी रहे हैं।

उन्होंने भावुक शब्दों में कहा, “संघ को समझना हर किसी के बस की बात नहीं है। जैसे शिवजी ने विष पीकर दुनिया को अमृत दिया, वैसे ही संघ के लोग समाज की कड़वाहट और गालियां सहकर भी देश को संस्कारित करने और हिंदू धर्म की रक्षा करने में जुटे हैं।”

सामाजिक सद्भाव भारत की रगों में: डॉ. मोहन भागवत

इस अवसर पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि सामाजिक सद्भाव भारत के लिए कोई नई या विदेशी अवधारणा नहीं है। यह हमारे पूर्वजों द्वारा दिया गया वह संस्कार है जो हमें ‘वसुधैव कुटुंबकम’ सिखाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज के सभी वर्गों के बीच समन्वय और समानता ही एक शक्तिशाली भारत की आधारशिला है। भागवत ने भेदभाव मुक्त समाज के निर्माण पर जोर देते हुए स्वयंसेवकों से घर-घर जाकर सद्भाव का दीप जलाने का आह्वान किया।

बैठक के मुख्य बिंदु

  • समरसता का संदेश: समाज में जाति और वर्ग के भेद को मिटाने की अपील की गई।

  • सांस्कृतिक राष्ट्रवाद: पंडित प्रदीप मिश्रा ने संघ को सनातन धर्म का रक्षक बताया।

  • सद्भाव बैठक: इस आयोजन में भोपाल के विभिन्न क्षेत्रों के सामाजिक प्रतिनिधि और संत समाज शामिल हुआ।

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