Latest News
महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल: क्या फिर एक होंगे उद्धव और शिंदे? एक नेता के बयान से सियासी पारे में उबाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एकता नगर में सरदार पटेल की जयंती पर देश को किया संबोधित, कहा- भारत अब रुकने वाला नहीं छत्तीसगढ़ ने खोया एक जनप्रिय नेता: अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन CM उमर अब्दुल्ला और वरिष्ठ पत्रकार निधि राजदान बंधे शादी के बंधन में, सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर कर दी खुशखबरी रामलीला मैदान रैली: राहुल गांधी ने मिंटो रोड से अजमेरी गेट तक पैदल यात्रा का किया आह्वान, दिल्ली पुलिस बोली– ‘नहीं मांगी गई मार्च की अनुमति’ छत्तीसगढ़ में अनोखा मामला: DEO ने थाना प्रभारी को थमाया नोटिस, 7 साल तक जेल में बंद रहा शिक्षक और विभाग को भनक तक नहीं लगी!
Home » देश » चीत्कार उठा असम का जंगल: बेकाबू राजधानी एक्सप्रेस ने हाथियों के झुंड को रौंदा, 7 की मौत

चीत्कार उठा असम का जंगल: बेकाबू राजधानी एक्सप्रेस ने हाथियों के झुंड को रौंदा, 7 की मौत

Share:

 

होजाई (असम): शांत वादियों में शनिवार तड़के एक ऐसा मंजर दिखा जिसने न केवल वन्यजीव प्रेमियों बल्कि हर किसी के दिल को झकझोर कर रख दिया। सैरंग-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आने से सात हाथियों की दर्दनाक मौत हो गई। प्रकृति और आधुनिक रफ्तार के बीच हुए इस संघर्ष में एक नन्हा हाथी अब भी जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है।

कोहरे की चादर और खौफनाक टक्कर

हादसा सुबह करीब 2:17 बजे चांगजुराई गांव के पास हुआ। बताया जा रहा है कि इलाके में घना कोहरा छाया हुआ था, जिस वजह से ट्रैक पार कर रहे गजराजों का झुंड लोको पायलट को दिखाई नहीं दिया। जैसे ही हाथियों का दल पटरी पर आया, तेज रफ्तार राजधानी एक्सप्रेस उनसे जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रेन का इंजन और पाँच डिब्बे पटरी से उतर गए। गनीमत रही कि ट्रेन में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं, लेकिन मासूम वन्यजीवों ने अपनी जान गंवा दी।

‘हार्टब्रेकिंग’: पटरी पर बिखरा पड़ा था झुंड

नगांव के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर सुहास कदम ने बताया कि कोहरे के कारण दृश्यता शून्य के करीब थी। नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) के अनुसार, लोको पायलट ने हाथियों को देखते ही इमरजेंसी ब्रेक लगाए थे, लेकिन भारी-भरकम ट्रेन को रुकते-रुकते काफी देर हो चुकी थी।

“शुरुआत में मरने वाले हाथियों की संख्या आठ बताई गई थी, लेकिन बाद में सात की पुष्टि हुई। हादसे में घायल हुए एक बच्चे (हाथी के शावक) का इलाज पशु चिकित्सकों की देखरेख में चल रहा हैं।

रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया

रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिस स्थान पर यह हृदयविदारक घटना हुई, वह अधिसूचित हाथी कॉरिडोर (Elephant Corridor) की श्रेणी में नहीं आता था। इसी वजह से वहां ट्रेन की गति पर कोई विशेष प्रतिबंध नहीं था। मृत हाथियों का पोस्टमार्टम कर उनका अंतिम संस्कार पूरे सम्मान के साथ घटनास्थल के पास ही किया जाएगा।

दुर्घटना के कारण यात्री सहम गए थे

दुर्घटना के कारण यात्री सहम गए थे। पटरी से उतरे कोचों के यात्रियों को ट्रेन के अन्य खाली डिब्बों में शिफ्ट किया गया। करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत और राहत कार्य के बाद ट्रेन को उसके गंतव्य के लिए रवाना किया गया।

#Assam #ElephantAccident #Heartbreaking #WildlifeProtection #Hojai #SaveElephants #SadNews #IndianRailways #NatureLovers

latest news