Latest News
ममता बनर्जी का बदला राजनीतिक अंदाज: दिल्ली की रैली में सोनिया गांधी को बताया अपनी नेता, विपक्षी समीकरणों पर टकटकी ‘ये हिंदुस्तान आपके अब्बू जान का नहीं…’: रामलीला मैदान रैली पर बीजेपी का राहुल गांधी पर तीखा पलटवार, मेगा रैली को बताया ‘फ्लॉप शो’  वोट बचाओ, देश बचाओ’ के नारे से गूंजा रामलीला मैदान: विपक्ष ने दिखाई एकजुटता, 10 लाख की भीड़ का दावा .. देखें तस्वीर छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस: प्रधानमंत्री मोदी की शुभकामनाओं से मिली नई ऊर्जा, मुख्यमंत्री साय ने जताया आभार कोरबा कलेक्टर ने की बड़ी कार्रवाई: काम में लापरवाही और अनुपस्थिति पर पटवारी निलंबित 32 साल बाद बड़े पर्दे पर फिर लौटेगी ‘मोहरा’: जानिए कैसे एक ‘अंधे विलेन’ के दम पर बनी थी 90 के दशक की ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर!
Home » छत्तीसगढ़ » छत्तीसगढ़ में अनोखी अंतिम यात्रा: यमराज की झांकी के साथ निकली विदाई

छत्तीसगढ़ में अनोखी अंतिम यात्रा: यमराज की झांकी के साथ निकली विदाई

Share:

 

CG News:बालोद जिले के फुलझर गांव में 80 वर्षीय बिहारीलाल यादव की अंतिम यात्रा एक अनूठी मिसाल बन गई। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनकी अंतिम विदाई में गांव के बच्चे, बूढ़े, जवान और महिला-पुरुष सभी शामिल हुए।

अनोखी झांकियों के साथ निकली अंतिम यात्रा

पारंपरिक रीति-रिवाजों के विपरीत, उनकी अंतिम यात्रा जस गीत और झांकियों की प्रस्तुति के साथ निकाली गई, जिससे पूरे गांव में एक भावुक और भक्तिमय माहौल बन गया। ग्रामीणों के अनुसार, बिहारीलाल यादव को “माटी के दुलारे” के नाम से जाना जाता था और वे गांव में बेहद लोकप्रिय थे।

युवाओं की पहल

ग्राम के युवाओं ने भगवान यमराज और अन्य पौराणिक पात्रों की वेशभूषा धारण कर झांकियां निकालीं। ये झांकियां न केवल अंतिम यात्रा को अलग बनाती थीं, बल्कि जीवन और मृत्यु के दर्शन को भी दर्शाती थीं।

भावुक माहौल

पूरे रास्ते जस गीत गाए गए, जिससे यात्रा में शामिल हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। इस तरह की अनोखी अंतिम यात्रा ने यह साबित कर दिया कि एक व्यक्ति का सम्मान उसके अच्छे कर्मों और लोगों के दिलों में उसकी जगह से होता है।

यादगार विदाई

बिहारीलाल यादव की यह अंतिम विदाई उनके जीवन के प्रति लोगों के सम्मान और प्रेम का प्रतीक थी, जिसे गांव के लोग हमेशा याद रखेंगे।

latest news