लखनऊ 12 अक्टूबर 2026 UP Congress :उत्तर प्रदेश में साल 2027 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी के भीतर घमासान मच गया है। राजधानी लखनऊ स्थित मॉल एवेन्यू प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ के कार्यभार ग्रहण समारोह के दौरान जबरदस्त हंगामा और मारपीट देखने को मिली। इस घटना ने पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, क्योंकि अब यह विवाद खुलकर सड़कों पर आ चुका है।
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अजय राय बनाम आराधना मिश्रा: वर्चस्व की लड़ाई या अंतर्कलह?
लखनऊ कांग्रेस कार्यालय में हुई इस हिंसा के केंद्र में पार्टी की सक्रिय नेत्री और महिला कांग्रेस की प्रमुख नेता ममता चौधरी आ गई हैं। घटना के बाद ममता चौधरी ने मीडिया के सामने आकर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और उनके समर्थकों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।
ममता चौधरी के अनुसार, जब महिला विंग नई प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा के स्वागत की तैयारियों में जुटी थी, तभी अचानक अजय राय ने उन पर नाराजगी जताई। ममता चौधरी ने रोते हुए और आक्रामक अंदाज में आरोप लगाया कि पूर्व अध्यक्ष ने उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा, “अपनी औकात में रहो!”
महिला कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी और दलित उत्पीड़न के आरोप
ममता चौधरी ने दावा किया कि अजय राय के इशारे पर उनके समर्थकों ने विश्वविद्यालय के उपद्रवियों की तरह बर्ताव किया।
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जूते-चप्पल लेकर हमला: उन्होंने आरोप लगाया कि अजय राय के समर्थक हाथ में जूते-चप्पल लेकर आक्रामक हो गए और महिला कार्यकर्ताओं के साथ हाथापाई की।
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दलित उत्पीड़न का मुद्दा: इस पूरे विवाद को दलित उत्पीड़न से जोड़ते हुए ममता चौधरी ने कहा कि वे लोग हमेशा से दलितों के विरोधी रहे हैं।
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दिल्ली दरबार तक पहुंचेंगी शिकायतें: उन्होंने चेतावनी दी कि पूरी महिला कांग्रेस इस मामले की शिकायत लेकर दिल्ली जाएगी और राहुल गांधी तथा मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात करेगी।
दूसरी ओर, अजय राय खेमे का दावा है कि इस महिला नेत्री को मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना की पूरी शह प्राप्त थी, जिसके कारण पार्टी कार्यालय का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
बीजेपी को मिला हमला करने का मौका और आलाकमान के लिए चुनौती
इस हाई-प्रोफाइल ड्रामे और गुटबाजी ने मुख्य विपक्षी दल बीजेपी को कांग्रेस पर निशाना साधने का बड़ा मौका दे दिया है। 2027 के चुनाव से पहले पुरुष समर्थकों और महिला नेत्रियों के बीच इस स्तर की तनातनी ने कांग्रेस संगठन के दावों की पोल खोल दी है। अब सभी की निगाहें कांग्रेस आलाकमान पर टिकी हैं कि पार्टी इस अनुशासनहीनता और गंभीर आरोपों पर क्या सख्त कार्रवाई करती है।


