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कैबिनेट फैसला: आदिम जाति विकास विभाग का अब बदला नाम, ‘जनजातीय कार्य विभाग’ हुआ; अग्निवीरों के लिए आरक्षक पदों पर भर्ती को मिली मंजूरी

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रायपुर 12 अक्टूबर  2026 Chhattisgarh Cabinet Decisions : छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वपूर्ण मंत्रिमंडल बैठक रविवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य हित से जुड़े दो बड़े और नीतिगत फैसले लिए गए। इसके साथ ही, केंद्र और राज्य सरकार के मुखिया के रूप में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निरंतर 25 वर्ष पूर्ण होने पर सर्वसम्मति से अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कैबिनेट के निर्णयों और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राज्य में हुए विकास कार्यों का विस्तृत विवरण साझा किया।

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‘आदिम जाति विकास विभाग’ का बदला गया नाम

कैबिनेट बैठक में ‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नाम परिवर्तित कर ‘जनजातीय कार्य विभाग’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन के ‘कार्य आवंटन नियम’ में आवश्यक संशोधन किया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह बदलाव जनजातीय समाज के सम्मान और उनकी सांस्कृतिक पहचान को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।

पूर्व अग्निवीरों के लिए गृह विभाग में आरक्षक पदों को स्वीकृति

राज्य के युवाओं और पूर्व सैनिकों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए कैबिनेट ने गृह विभाग में आरक्षक के 36 पदों पर पूर्व अग्निवीरों की भर्ती को मंजूरी दी है। यह भर्ती खाली पदों की उपलब्धता के आधार पर की जाएगी। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार पहले ही पूर्व अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक भर्ती में 10 प्रतिशत का श्रेणीवार आरक्षण देने का प्रावधान लागू कर चुकी है।

‘वाइब्रेंट गुजरात’ से मिली निवेश आकर्षित करने की प्रेरणा

औद्योगिक विकास पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के ‘वाइब्रेंट गुजरात’ मॉडल से राज्यों को अपनी क्षमताएं वैश्विक पटल पर प्रस्तुत करने की प्रेरणा मिली है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए राज्य में ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026’ लागू किया गया है, जिससे औद्योगिक अनुमतियां और स्वीकृतियां बेहद सरल हो गई हैं। नई व्यवस्था के तहत यदि तय समय-सीमा के भीतर निर्णय नहीं लिया जाता, तो उसे ‘डीम्ड अप्रूवल’ (स्वतः स्वीकृति) माना जाएगा। इसके अतिरिक्त ‘वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम’ से भी उद्योगों के लिए प्रक्रियाएं सुगम हुई हैं।

गरीब कल्याण और आवास योजना में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल

मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री की नीतियों के केंद्र में हमेशा गरीब कल्याण रहा है। राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में 20.65 लाख और शहरी क्षेत्रों में 2.25 लाख पक्के मकान बनकर तैयार हो चुके हैं। बीते पौने तीन वर्षों के दौरान ही 11.78 लाख आवासों का निर्माण पूरा किया गया है, और तेजी से आवास निर्माण कराने के मामले में छत्तीसगढ़ पूरे देश में पहले स्थान पर है।

बस्तर में नक्सलवाद का अंत, शांति और विकास का नया दौर

बस्तर की स्थिति पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार के बेहतर समन्वय और सुरक्षाबलों के साहस के बल पर 31 मार्च 2026 को दशकों पुरानी नक्सल समस्या से निर्णायक मुक्ति मिली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मूलमंत्र — “कंधे पर गन नहीं, कंधे पर हल ही सभी समस्याओं का हल है” — ने बस्तर में स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त किया है। नक्सल उन्मूलन अभियानों के लिए केंद्र से 2,080 करोड़ रुपये की विशेष सहायता राशि प्राप्त हुई है। साथ ही आत्मसमर्पित कैडरों और नक्सल पीड़ित परिवारों के पुनर्वास के लिए पीएम आवास योजना के तहत 15,000 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 5,671 मकानों का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

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