कोरबा 30 सितंबर 2026 SECL Bonus 2026 : दुर्गा पूजा और आगामी त्योहारों से पहले साउथ ईस्टर्न कोलफिल्ड्स लिमिटेड (SECL) समेत कोल इंडिया के लाखों कोयला कर्मचारियों के लिए एक बेहद अच्छी खबर सामने आ रही है। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) इस वर्ष कोयला कर्मियों को 1.10 लाख रुपये तक का प्रदर्शन आधारित पुरस्कार (PLR/बोनस) मिलने की मजबूत संभावना जताई जा रही है। पिछले वर्ष कर्मचारियों को 1.03 लाख रुपये का बोनस मिला था।

बोनस की अंतिम राशि तय करने के लिए कोल इंडिया प्रबंधन और केंद्रीय ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों के बीच अक्टूबर के पहले सप्ताह में एक महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है, जिसमें अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
11 अक्टूबर से नवरात्र: त्यौहारों से पहले भुगतान की परंपरा
आगामी 11 अक्टूबर से नवरात्र पर्व प्रारंभ हो रहा है। कोल इंडिया में हर वर्ष दुर्गा पूजा से ठीक पहले कर्मचारियों को प्रदर्शन आधारित पुरस्कार देने की परंपरा रही है।(आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) इस वर्ष भी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए बोनस वार्ता को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
इस बोनस का सीधा लाभ एसईसीएल के कोरबा क्षेत्र (गेवरा, कुसमुंडा, दीपका आदि) में कार्यरत लगभग 33 हजार कर्मचारियों समेत कोल इंडिया की सभी अनुषंगी कंपनियों के कुल 2.10 लाख कर्मचारियों को मिलेगा।
जेबीसीसीआई-11 की अवधि समाप्त, अलग वार्ता से निकलेगा रास्ता
इस बार बोनस तय करने की प्रक्रिया सामान्य वर्षों से थोड़ी अलग नज़र आ रही है:
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कोल इंडिया की 11वीं संयुक्त द्विपक्षीय समिति (JBCCI-11) की अवधि जून 2026 में समाप्त हो चुकी है।
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फिलहाल 12वीं समिति (JBCCI-12) का गठन नहीं हुआ है, जिससे श्रमिक संगठनों के बीच चर्चा थी कि वार्ता किस माध्यम से होगी।
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हालांकि, दुर्गा पूजा से पहले भुगतान की परंपरा को बरकरार रखने के लिए प्रबंधन और ट्रेड यूनियनों के बीच अलग से विशेष वार्ता आयोजित कर राशि तय किए जाने की संभावना है।
पिछला आंकड़ा: पिछले वर्ष एसईसीएल में लगभग 34,500 नियमित कर्मचारियों को 1.03 लाख रुपये प्रति कर्मचारी की दर से बोनस दिया गया था, जिस पर कंपनी ने करीब 356 करोड़ रुपये खर्च किए थे।
कर्मचारियों की संख्या घटी, पर वित्तीय आकार रहेगा बरकरार
1 सितंबर 2026 की स्थिति के अनुसार, एसईसीएल में नियमित कर्मचारियों की संख्या 33,231 है। यानी बीते एक वर्ष में नियमित कर्मियों की संख्या में लगभग 1,200 की कमी आई है। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) हालांकि कर्मचारियों की संख्या घटने के बावजूद, प्रति कर्मचारी बोनस राशि में वृद्धि होने के कारण कुल भुगतान का बजट पिछले वर्ष के आसपास ही रहने का अनुमान है।
कोल इंडिया की अन्य सभी सहायक कंपनियों—BCCL, CCL, ECL, WCL, NCL, MCL और CMPDIL के कर्मचारियों को मिलाकर पिछले वर्ष कुल 2,153.82 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आया था।
बोनस से कोरबा के स्थानीय बाजार में आएगा उछाल
एसईसीएल की बड़ी खदानों के कारण कोरबा जिले में बोनस का असर केवल कर्मचारियों के परिवारों तक सीमित नहीं रहता:
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बाजार में रौनक: दशहरा और दीपावली से ठीक पहले मिलने वाली इस एकमुश्त राशि से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा संबल मिलता है।
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प्रमुख खरीदारी: बोनस की राशि आते ही ऑटोमोबाइल (वाहन), इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, सोने-चांदी और घरेलू सामानों की बिक्री में भारी इजाफा होता है।
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व्यापारियों को इंतजार: यही वजह है कि कोयला कर्मियों के साथ-साथ कोरबा शहर के स्थानीय व्यापारी भी बोनस की घोषणा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
सालों-साल ऐसे बढ़ती गई बोनस की राशि
| वर्ष | बोनस राशि (प्रति कर्मचारी) |
|---|---|
| 2015-16 | ₹54,000 |
| 2022 | ₹76,500 |
| 2023 | ₹85,000 |
| 2024 | ₹93,750 |
| 2025 | ₹1,03,000 |
| 2026 (संभावित) | ₹1,10,000 |
इस वर्ष बोनस में लगभग 7,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, अंतिम निर्णय प्रबंधन और यूनियनों के बीच होने वाली सहमति पर ही निर्भर करेगा।
अक्टूबर के पहले सप्ताह की बैठक पर टिकीं निगाहें
वर्ष 2025 में 25 सितंबर को मानकीकरण समिति की बैठक के बाद बोनस की आधिकारिक घोषणा की गई थी। इस बार भी कर्मचारियों की निगाहें अक्टूबर के पहले सप्ताह में होने वाली संभावित बैठक पर टिकी हुई हैं। हालांकि, अभी तक श्रमिक संघ प्रतिनिधियों को आधिकारिक सूचना पत्र जारी नहीं हुआ है, लेकिन उम्मीद है कि एक-दो दिनों के भीतर प्रबंधन सर्कुलर जारी कर यूनियनों को बैठक के लिए आमंत्रित करेगा।



