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दुनिया को राह दिखाने के लिए भारत का समय आ गया, लेकिन ‘विश्वगुरु’ बनने में हमारी तैयारियों की कमी बाधक: मोहन भागवत

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मुख्य बिंदु:

नागपुर में आरएसएस के स्वयंसेवक प्रशिक्षण शिविर का हुआ समापन।

मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए देश के दिग्गज उद्योगपति कुमार मंगलम बिरला।

संघ प्रमुख ने कहा- सिर्फ सच होना काफी नहीं, दुनिया केवल शक्तिशाली की बात सुनती है।

नागपुर, 5 जून। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका को लेकर एक बड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। बृहस्पतिवार को नागपुर में आयोजित आरएसएस के ‘स्वयंसेवक प्रशिक्षण शिविर’ (तृतीय वर्ष) के समापन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व संघर्षों, युद्ध और विभिन्न संकटों से जूझ रहा है। ऐसे समय में भारत पूरी दुनिया को एक समग्र और कल्याणकारी समाधान प्रदान कर सकता है। उन्होंने पुरजोर शब्दों में कहा, “अब भारत का समय आ गया है।”

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हालांकि, इसके साथ ही संघ प्रमुख ने देश के सामने एक कड़वी सच्चाई भी रखी। उन्होंने कहा कि भारत को ‘विश्वगुरु’ बनने में जो चीज सबसे ज्यादा पीछे खींच रही है, वह वैश्विक स्तर पर हमारी “तैयारियों की कमी” है।

सिर्फ सच होना काफी नहीं, दुनिया ताकतवर की भाषा समझती है

मोहन भागवत ने अपने संबोधन में वैश्विक राजनीति और शक्ति संतुलन पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि भारत सदियों से सत्य और शांति की बात करता रहा है और दुनिया भी यह मानती है कि भारत सच बोलता है। लेकिन कड़वा सच यह है कि सिर्फ सत्य के रास्ते पर चलने से इसे स्वीकार नहीं किया जाता।

“आज हम दुनिया में देख रहे हैं कि जो शक्तिशाली हैं, वे अपनी मनमानी कर रहे हैं। जिनके पास ताकत नहीं है, वे मजबूरन सिर झुकाकर शक्तिशाली देशों की आज्ञा का पालन कर रहे हैं। चाहे किसी दूसरे देश पर कब्जा करना हो, बम गिराना हो या फिर दुनिया की तेल आपूर्ति को रोक देना हो—यह सब सिर्फ और सिर्फ ताकत के बल पर हो रहा है।” — मोहन भागवत (आरएसएस प्रमुख)

उन्होंने आगे कहा कि यदि भारत को वैश्विक मंच पर अपनी बात मनवानी है और दुनिया का मार्गदर्शन करना है, तो हमें अपने देश को “अत्यंत समृद्ध और सामर्थ्यवान” बनाना होगा, क्योंकि यह दुनिया केवल ताकतवर की ही बात सुनती है।

समय आ गया है, लेकिन तैयारी हमें खुद करनी होगी

संघ प्रमुख ने इस बात पर जोर दिया कि केवल अनुकूल समय आ जाने से बदलाव नहीं होता, बल्कि उस समय का लाभ उठाने के लिए पूरी तैयारी की जरूरत होती है। उन्होंने कहा, “हम लंबे समय से कहते आ रहे हैं कि भारत ‘विश्वगुरु’ है या उसे होना चाहिए। आज दुनिया भी यह मान रही है कि उसे एक नए रास्ते की जरूरत है और वह रास्ता केवल भारत ही दिखा सकता है। लेकिन इसके लिए हमें अपनी कमियों को दूर कर खुद को हर मोर्चे पर तैयार करना होगा।”

मंच पर मौजूद रहे उद्योगपति कुमार मंगलम बिरला

नागपुर के रेशमीबाग मैदान में आयोजित इस भव्य समापन समारोह में देश के जाने-माने उद्योगपति और आदित्य बिरला समूह के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिरला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कॉर्पोरेट जगत की इतनी बड़ी हस्ती का संघ के मंच पर मौजूद होना इस कार्यक्रम के महत्व को और बढ़ाता है। समारोह में देश के कोने-कोने से आए सैकड़ों स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने कड़ी धूप और तपस्या के बीच अपना प्रशिक्षण पूरा किया है।

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