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सरगुजा: नायब तहसीलदार मारपीट मामले में नया मोड़, विधायक समर्थकों का सरेंडर; कांग्रेस ने की राष्ट्रपति शासन की मांग

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सरगुजा (छत्तीसगढ़) 3 जून : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के सीतापुर में 27 मई को नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ हुई कथित मारपीट का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। एक तरफ जहां इस घटना के विरोध में पूरे प्रदेश के राजस्व अधिकारी (तहसीलदार और नायब तहसीलदार) अनिश्चितकालीन आंदोलन पर हैं, वहीं दूसरी तरफ इस मामले में राजनीतिक और सामाजिक रार भी तेज हो गई है।

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बुधवार को इस हाई-प्रोफाइल मामले में कई बड़े घटनाक्रम सामने आए, जिसने प्रशासन और सरकार की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

1. विधायक समर्थकों का आत्मसमर्पण, मुचलके पर रिहाई

मामले में नामजद आरोपी और स्थानीय विधायक रामकुमार टोप्पो के दो समर्थकों—नाजिम राजा और पंकज गुप्ता—ने बुधवार को सीतापुर थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने कागजी कार्रवाई और चेकलिस्ट पर हस्ताक्षर कराने के बाद दोनों आरोपियों को मुचलके (Bail Bond) पर रिहा कर दिया।

विशेष: इससे पहले भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो ने स्वयं गिरफ्तारी देने की बात कही थी, लेकिन बुधवार को वे थाने नहीं पहुंचे।

2. पूरे प्रदेश में राजस्व कामकाज ठप, कांग्रेस ने मांगा ‘राष्ट्रपति शासन’

विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सूबे के तहसीलदार और नायब तहसीलदार 28 मई से हड़ताल पर हैं। इस गतिरोध के बीच कांग्रेस ने राज्य सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।

  • कलेक्टर को ज्ञापन: पूर्व मंत्री अमरजीत भगत और कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक के नेतृत्व में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने सरगुजा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

  • बढ़ती परेशानी: कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पिछले एक हफ्ते से राजस्व के सारे काम ठप हैं और 15 जून के बाद सीमांकन का काम भी बंद हो जाएगा। सरकार और प्रशासन के आपसी मतभेद का खामियाजा आम जनता भुगत रही है।

  • बड़ी मांग: राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह ठप होने का दावा करते हुए कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है।

3. क्रॉस FIR: मितानिनों ने खोला मोर्चा, नायब तहसीलदार पर भी केस

इस मामले में नया मोड़ तब आया जब विधायक रामकुमार टोप्पो की बहन सीमा धनकी (जो कि एक मितानिन हैं) ने नायब तहसीलदार तुषार मानिक पर अभद्रता और गाली-गलौज करने का आरोप लगाया।

  • सीमा धनकी की शिकायत पर पुलिस ने नायब तहसीलदार के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर ली है।

  • बुधवार को भारी संख्या में स्थानीय मितानिनों ने सरगुजा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर नायब तहसीलदार के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है। इससे पहले मंगलवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी तहसीलदार के खिलाफ मोर्चा खोला था।

मामले की पृष्ठभूमि (क्या है पूरा विवाद?)

यह पूरा विवाद 27 मई को सीतापुर थाना क्षेत्र के राजापुर में शुरू हुआ था। नायब तहसीलदार तुषार मानिक की रिपोर्ट के मुताबिक, उन पर ड्यूटी के दौरान हमला किया गया। पुलिस ने इस मामले में विधायक रामकुमार टोप्पो, यूसुफ, नाजिम राजा, पंकज गुप्ता समेत अन्य 10 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है:

धारा (BNS) विवरण
132 लोक सेवक को कर्तव्य निर्वहन से रोकने के लिए आपराधिक बल का प्रयोग
191(2) दंगा या बलवा करना
221, 221(1) लोक सेवक पर हमला या चोट पहुंचाना

फिलहाल, पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मामले की सघन जांच कर रही है। लेकिन अधिकारियों की हड़ताल और राजनीतिक बयानबाजी के चलते सरगुजा सहित पूरे प्रदेश का सियासी पारा चढ़ गया है।

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