नई दिल्ली/कंम्पोंग स्पेयू:
वैश्विक आतंकवाद और बदलती सुरक्षा चुनौतियों के बीच भारत और कंबोडिया ने अपने सैन्य संबंधों को नई धार देना शुरू कर दिया है। द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास ‘सिनबैक्स-द्वितीय 2026’ का दूसरा संस्करण आज से कंबोडिया के कंम्पोंग स्पेयू प्रांत में औपचारिक रूप से शुरू हो गया। 04 से 17 मई 2026 तक चलने वाला यह अभ्यास दोनों देशों के बीच मजबूत होते रक्षा कूटनीति का जीवंत उदाहरण है।
मराठा लाइट इन्फैंट्री दिखाएगी पराक्रम
इस सैन्य अभ्यास में भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व मराठा लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट की एक अनुभवी बटालियन कर रही है। भारतीय दल के 120 सैन्य कर्मी कंबोडियाई सेना के 160 कर्मियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर युद्ध कौशल का प्रदर्शन करेंगे। यह प्रशिक्षण कंबोडियाई रॉयल एयर फोर्स के ‘कैंप बेसिल’ प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित किया जा रहा है।
ड्रोन और स्नाइपर रणनीतियों पर विशेष ध्यान
वर्तमान युद्धक्षेत्र की बदलती जरूरतों को देखते हुए, इस अभ्यास में आधुनिक सैन्य तकनीकों को प्राथमिकता दी गई है:
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आतंकवाद विरोधी अभियान: संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना मिशनों के दौरान आने वाली चुनौतियों के आधार पर विशेष रणनीतियाँ तैयार की जाएंगी।
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तकनीकी प्रशिक्षण: ड्रोन संचालन, आधुनिक मोर्टार फायरिंग और सटीक स्नाइपर रणनीतियों का गहन प्रशिक्षण सत्र आयोजित होगा।
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शहरी युद्ध कौशल: अर्ध-शहरी इलाकों में छिपे हुए शत्रुओं को निष्प्रभावी करने के लिए दोनों सेनाएं अपनी ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ साझा करेंगी।
संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों पर आधारित
यह अभ्यास संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय VII के अधिदेश के तहत संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य न केवल सैन्य समन्वय (Coordination) को बढ़ाना है, बल्कि भविष्य में किसी भी वैश्विक शांति मिशन के दौरान दोनों देशों की सेनाओं के बीच बेहतर ‘इंटर-ऑपरेबिलिटी’ सुनिश्चित करना है।
बढ़ता रक्षा सहयोग
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘सिनबैक्स-द्वितीय 2026’ भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के तहत कंबोडिया के साथ रणनीतिक साझेदारी को और अधिक प्रगाढ़ करेगा। यह साझा मंच न केवल रक्षा सहयोग को बढ़ावा देता है, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के प्रति दोनों देशों के संकल्प को भी प्रदर्शित करता है।
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