कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने दिए वेदांता हादसे की जांच के आदेश, 30 दिनों में मांगी रिपोर्ट
शक्ति (छत्तीसगढ़) 15 अप्रैल: जिले के डभरा तहसील अंतर्गत सिंघीतराई में स्थित वेदांता पावर लिमिटेड में मंगलवार को एक हृदयविदारक हादसा हो गया। प्लांट की बॉयलर यूनिट-1 में तकनीकी खराबी आने और स्टीम पाइप फटने से कुल 34 श्रमिक इसकी चपेट में आ गए। जिला प्रशासन के अनुसार, इस दर्दनाक हादसे में अब तक 12 श्रमिकों की मृत्यु हो चुकी है।
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हादसे की भयावहता और राहत कार्य
मंगलवार, 14 अप्रैल को हुए इस ब्लास्ट के बाद प्लांट परिसर में चीख-पुकार मच गई। गरम भाप और पानी के रिसाव के कारण श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए। प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को रायगढ़ के बड़े निजी अस्पतालों (फोर्टिस जिंदल, अपेक्स और बालाजी मेट्रो अस्पताल) में भर्ती कराया है, जहाँ कई श्रमिकों की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।
मजिस्ट्रियल जांच के सख्त निर्देश
हादसे की खबर मिलते ही जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अमृत विकास तोपनो ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 196 के तहत मजिस्ट्रियल जांच का आदेश जारी किया है। इस मामले की बारीकी से जांच के लिए SDM डभरा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
जांच के दायरे में होंगे ये सवाल:
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घटना के समय मौके पर कौन-कौन से मजदूर कार्यरत थे?
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क्या प्लांट में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई?
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औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने आखिरी बार निरीक्षण कब किया था और क्या वहां कोई कमियां पाई गई थीं?
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हादसे के लिए मुख्य रूप से कौन जिम्मेदार है?
कलेक्टर ने सख्त लहजे में कहा है कि जांच अधिकारी 30 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे, जिसके आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।








