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छत्तीसगढ़ में ‘धर्म स्वातंत्र्य विधेयक’ को जल्द मिल सकती है मंजूरी, डिप्टी सीएम ने दिए बड़े संकेत

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रायपुर 7 अप्रैल  2026: छत्तीसगढ़ की सियासत में ‘धर्म स्वातंत्र्य विधेयक’ (Religious Freedom Bill) एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने संकेत दिए हैं कि राज्यपाल रमेन डेका इस महत्वपूर्ण विधेयक पर किसी भी समय हस्ताक्षर कर सकते हैं। राजभवन से हरी झंडी मिलते ही राज्य में धर्मांतरण के विरुद्ध कानूनों में आमूल-चूल परिवर्तन देखने को मिलेगा।

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निर्णायक मोड़ पर विधेयक की फाइल

पत्रकारों से चर्चा करते हुए उपमुख्यमंत्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि राज्यपाल इस मसौदे पर अत्यंत गंभीरता से विचार कर रहे हैं। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा कि सरकार और राजभवन के बीच इस विषय पर बेहतर समन्वय है और प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

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“शायद अब तक हो चुके हों हस्ताक्षर”

विजय शर्मा ने अपनी बात को प्रभावी ढंग से रखते हुए कहा:

“राज्यपाल जी स्वयं इस पर विचार कर रहे हैं। मुमकिन है कि जब हम और आप यहाँ बात कर रहे हैं, ठीक इसी पल विधेयक पर उनके हस्ताक्षर हो गए हों।”

क्या होगा बदलाव?

यदि राज्यपाल इस विधेयक पर अपनी मुहर लगा देते हैं, तो छत्तीसगढ़ में धर्म परिवर्तन को लेकर नियम काफी सख्त हो जाएंगे। इस विधेयक का उद्देश्य अवैध या प्रलोभन के माध्यम से होने वाले धर्मांतरण पर लगाम लगाना है, जो वर्तमान सरकार के मुख्य एजेंडों में से एक रहा है।

राजनीतिक गलियारों में इस बयान के बाद हलचल बढ़ गई है और माना जा रहा है कि आने वाले कुछ ही घंटों या दिनों में इसकी आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।


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