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छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती पर सियासी उबाल: दीपक बैज ने सरकार को घेरा

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रायपुर: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अफीम की कथित खेती का मामला उजागर होने के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।

सरकार के संरक्षण में हो रही खेती: बैज

दीपक बैज ने रायगढ़ के मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि राज्य में अफीम की खेती बिना सरकारी संरक्षण के संभव नहीं है। उन्होंने दावा किया कि यह खुलासा पुलिस की मुस्तैदी के बजाय जनता की सूचना के आधार पर हुआ है, जो सरकार की विफलता का प्रमाण है। बैज ने सवाल उठाया कि इस अवैध कारोबार का असली “मास्टरमाइंड” कौन है और किसके इशारे पर यह नेटवर्क फल-फूल रहा है।

सरगुजा ओलंपिक: “भीषण गर्मी में युवाओं को सजा”

आज से शुरू हो रहे सरगुजा ओलंपिक के समय पर सवाल उठाते हुए दीपक बैज ने कहा कि मार्च-अप्रैल की तपती गर्मी में खेल आयोजित करना युवाओं को प्रताड़ित करने जैसा है। उन्होंने सुझाव दिया कि:

  • ऐसे आयोजन कड़कड़ाती ठंड के मौसम में होने चाहिए।

  • वर्तमान में चल रही परीक्षाओं के कारण युवाओं की भागीदारी कम होगी।

  • बस्तर ओलंपिक की तरह यहां भी भ्रष्टाचार की आशंका जताते हुए उन्होंने निष्पक्षता की गारंटी मांगी।

भर्ती कानून और बेरोजगारी पर हमला

भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए लाए गए नए कानून को बैज ने “युवाओं को गुमराह करने वाला” कदम बताया। उन्होंने कहा कि जब व्यापम जैसी संस्थाएं पहले से सक्रिय हैं, तो नए बोर्ड की क्या आवश्यकता है? उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पुलिस, वन विभाग और PWD जैसी भर्तियों में भारी भ्रष्टाचार हुआ है।

बैज ने अंत में चिंता जताते हुए कहा कि प्रदेश का युवा रोजगार के लिए दर-दर भटक रहा है, लेकिन सरकार नई नौकरियां देने के बजाय केवल खोखले वादे कर रही है।


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