पटना/नई दिल्ली: बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों पर हुए हाई-वोल्टेज चुनावी मुकाबले में एनडीए (NDA) ने अपनी ताकत का लोहा मनवाते हुए पांचों सीटों पर कब्जा जमा लिया है। संख्याबल के लिहाज से महागठबंधन के खाते में एक सीट जाने की पूरी उम्मीद थी, लेकिन मतदान के अंतिम क्षणों में विपक्षी एकता बिखर गई। कांग्रेस के तीन और आरजेडी (RJD) के एक विधायक के वोटिंग में हिस्सा न लेने के कारण पासा पलट गया और पांचवीं सीट भी एनडीए की झोली में जा गिरी।
शिवेश कुमार की ‘द्वितीय वरीयता’ वाली जीत
पांचवीं सीट के लिए मुकाबला बेहद दिलचस्प था, जहां एनडीए समर्थित उम्मीदवार शिवेश कुमार ने द्वितीय वरीयता के वोटों के आधार पर जीत हासिल की। हालांकि, निर्वाचन आयोग द्वारा नतीजों की आधिकारिक अधिसूचना जारी होना अभी बाकी है, लेकिन संख्या बल एनडीए के पक्ष में स्पष्ट नजर आ रहा है।
दिग्गजों ने मारी बाजी
आज हुए मतदान में जिन प्रमुख चेहरों ने जीत दर्ज की है, उनमें शामिल हैं:
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नीतीश कुमार (JDU)
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रामनाथ ठाकुर (JDU – केंद्रीय राज्य मंत्री)
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नितिन नवीन (BJP – राष्ट्रीय अध्यक्ष)
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शिवेश कुमार (BJP)
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उपेंद्र कुशवाहा (RLM – एनडीए समर्थित)
विपक्ष को बड़ा झटका
चुनाव में महागठबंधन की ओर से अमरेंद्र धारी सिंह (RJD) मैदान में थे। माना जा रहा था कि उनके और उपेंद्र कुशवाहा के बीच सीधी टक्कर होगी। लेकिन कांग्रेस और आरजेडी के कुल 4 विधायकों के सदन से नदारद रहने ने तेजस्वी यादव और कांग्रेस आलाकमान की रणनीतियों पर पानी फेर दिया। इस “क्रॉस वोटिंग” या अनुपस्थिति को महागठबंधन के लिए एक बड़े राजनीतिक झटके के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्य बिंदु: बिहार के अलावा आज ओडिशा (4 सीटें) और हरियाणा (2 सीटें) में भी राज्यसभा के लिए मतदान संपन्न हुए।








