Home » विदेश » इजरायल में आम चुनाव: प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के राजनीतिक भविष्य का फैसला आज

इजरायल में आम चुनाव: प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के राजनीतिक भविष्य का फैसला आज

Share:

इजरायल 27/10/2026: इजरायल में आज (27 अक्टूबर 2026) संसद यानी नेसेट (Knesset) की सभी 120 सीटों के लिए आम चुनाव के तहत मतदान हो रहा है। 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमास के हमलों और उसके बाद शुरू हुए लंबे क्षेत्रीय युद्धों के बाद देश में यह पहला आम चुनाव है। इसे प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के राजनीतिक करियर की सबसे बड़ी और कड़ी परीक्षा माना जा रहा है।

2019 के बाद छठा चुनाव और राजनीतिक परिदृश्य

खास बात यह है कि 2019 से 2022 के बीच इजरायल में लगातार राजनीतिक अस्थिरता के कारण पांच बार चुनाव हुए थे। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज हालांकि, इसके बाद की 25वीं नेसेट अपने चार साल का कार्यकाल पूरा करने वाली देश की पहली ऐसी विधायिका बनी, लेकिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाली दक्षिणपंथी सरकार को देश के भीतर भारी विरोध का सामना करना पड़ा। न्यायिक सुधारों के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शनों, गाजा युद्ध और अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स यहूदियों की सैन्य भर्ती छूट जैसे मुद्दों पर देश बंटा हुआ नजर आया है।

नेतन्याहू के सामने मुख्य चुनौतियां और प्रतिद्वंद्वी

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (लिकुड पार्टी) एक बार फिर सत्ता बचाने के लिए मैदान में हैं। उनके सामने कई मोर्चों पर कड़ी चुनौती है:

  • भ्रष्टाचार के मुकदमे: नेतन्याहू पर भ्रष्टाचार के मामले चल रहे हैं, और जानकारों का मानना है कि यदि वह सत्ता से बाहर होते हैं, तो उन्हें कानूनी मोर्चों पर और अधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

  • प्रमुख विपक्षी चेहरा: इस बार मुख्य मुकाबला पूर्व सेना प्रमुख और ‘याशर’ (Yashar) पार्टी के नेता गदी आइजेनकोट (Gadi Eisenkot) से है, जो अपनी साफ-सुथरी छवि और बदलाव के एजेंडे के साथ कैंपेन चला रहे हैं। इसके अलावा नफ्ताली बेनेट और यार लापीड जैसे नेता भी विपक्ष का अहम हिस्सा हैं।

  • बहुमत का आंकड़ा: इजरायली संसद (नेसेट) में सरकार बनाने के लिए किसी भी दल या गठबंधन को 120 में से कम से कम 61 सीटों की आवश्यकता होती है। ओपिनियन पोल्स के मुताबिक, मुकाबला बेहद कांटे का है और किसी भी खेमे को आसानी से स्पष्ट बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है।

मतदान समाप्त होने के बाद आने वाले परिणाम तय करेंगे कि इजरायल की सत्ता की कमान एक बार फिर नेतन्याहू के हाथों में रहेगी या देश को कोई नया नेतृत्व मिलेगा।