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यूरोप में असंतोष की लहर: महंगाई, आवास संकट और पेंशन कटौती के खिलाफ सड़कों पर उतरे लाखों लोग, कई देशों में हिंसक झड़पें

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नई दिल्ली 26/10/2026 Europe protests:यूरोप के कई देशों में वीकेंड के दौरान जनता का आक्रोश खुलकर सामने आया। महंगाई, आवास संकट, पेंशन कटौती, शिक्षा व्यवस्था में गिरावट, भ्रष्टाचार और युद्ध जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर शनिवार को फ्रांस, अल्बानिया, इटली, स्पेन और पुर्तगाल में हजारों लोगों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। कई शहरों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हिंसक झड़पें हुईं, जिसके चलते प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी करनी पड़ी और कुछ स्थानों पर सेना तक की तैनाती करनी पड़ी।

फ्रांस: हिंसक झड़पों के बीच करीब 1,000 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार

फ्रांस में शनिवार को हुए प्रदर्शनों के दौरान भारी तनाव देखने को मिला। गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज के अनुसार, देशभर से लगभग 1,000 लोगों को हिरासत में लिया गया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक करीब 4.10 लाख लोगों ने रैलियों में हिस्सा लिया, जबकि आयोजकों का दावा है कि यह संख्या 8 लाख के पार थी। पेरिस में हिंसक झड़पों के बाद पुलिस ने वॉटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, वहीं निगरानी के लिए हेलीकॉप्टर भी तैनात किए गए। वामपंथी नेता ज्यां-लुक मेलेंशों ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस स्थिति के लिए फ्रांस की इमिग्रेशन नीतियों को जिम्मेदार ठहराया।

अल्बानिया: भ्रष्टाचार और बदहाल शिक्षा व्यवस्था पर गुस्सा

अल्बानिया की राजधानी तिराना समेत प्रमुख शहरों में छात्रों के नेतृत्व में उग्र प्रदर्शन हुए। भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और खराब शिक्षा व्यवस्था से नाराज प्रदर्शनकारियों ने ट्यूशन फीस घटाने, शिक्षा बजट बढ़ाने और प्रधानमंत्री एडी रामा के इस्तीफे की मांग की। इस दौरान कृषि मंत्रालय के प्रवेश द्वार पर आग लगा दी गई और सरकारी भवनों व बैंकों को निशाना बनाया गया। भीड़ पर काबू पाने के लिए दंगा रोधी पुलिस ने आंसू गैस, वॉटर कैनन और रबर की गोलियों का सहारा लिया।

इटली: हिंसक प्रदर्शनों के चलते मिलान में 500 सैनिक तैनात

इटली के मिलान, रोम, ट्यूरिन, नेपल्स और फ्लोरेंस में युवाओं ने सामाजिक व राजनीतिक मुद्दों पर मार्च निकाला। पुलिस ने आठ शहरों से 9 लोगों को गिरफ्तार और 371 लोगों को अस्थायी तौर पर हिरासत में लिया, जिनमें 110 नाबालिग भी शामिल हैं। रोम में ऐतिहासिक कोलोसियम में जबरन घुसने की कोशिश को सुरक्षाकर्मियों ने नाकाम कर दिया। हिंसा की आशंका को देखते हुए मिलान के फैशन हब की दुकानों को बोर्ड लगाकर सुरक्षित किया गया। प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने मिलान में 500 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती का ऐलान करते हुए कहा कि नागरिक सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

स्पेन: आगामी चुनावों से पहले पेंशन और आवास संकट पर प्रदर्शन

स्पेन की राजधानी मैड्रिड में हजारों नागरिकों और पेंशनभोगियों ने सार्वजनिक पेंशन प्रणाली की सुरक्षा और महंगाई के अनुसार पेंशन बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने न्यूनतम पेंशन को न्यूनतम वेतन के बराबर करने और पेंशन के निजीकरण को रोकने की मांग की। यह विरोध प्रदर्शन देश में होने वाले आगामी मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले हुआ है। इसके अलावा, बढ़ते मकान किराये और संपत्तियों की आसमान छूती कीमतों ने भी जन-असंतोष को बढ़ा दिया है।

पुर्तगाल: महंगे मकानों के खिलाफ टेंट लगाकर विरोध दर्ज

पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में हजारों लोगों ने आवास संकट और महंगाई के खिलाफ मार्च किया। प्रदर्शनकारियों ने रॉसियो स्क्वायर में 100 से अधिक टेंट लगाकर डेरा डाल दिया, जिसे पुलिस ने रविवार तड़के बलपूर्वक हटा दिया। प्रदर्शनकारी नए बेदखली कानून को वापस लेने और किराये पर सीमा बनाए रखने की मांग कर रहे हैं। गौरतलब है कि पुर्तगाल में वर्ष 2017 के बाद से घरों की कीमतें दोगुनी से अधिक हो चुकी हैं और देश में लगभग 3 लाख घरों की भारी कमी है।