नई दिल्ली 17 अक्टूबर 2026: देश की महारत्न बिजली उत्पादक कंपनी NTPC लिमिटेड ने भारत में तीरंदाजी (Archery) के विकास और युवा खिलाड़ियों को तराशने के लिए अगले चार वर्षों में 24.20 करोड़ रुपये के वित्तीय सहयोग की घोषणा की है। भारतीय तीरंदाजी संघ (AAI) के साथ अपनी दीर्घकालिक साझेदारी को मजबूत करते हुए NTPC ने देश के उभरते तीरंदाजों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया है।
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NTPC अपने कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पहल के तहत नवंबर 2018 से ही तीरंदाजी खेल को समर्थन दे रही है। शुरुआत में 16.18 करोड़ रुपये का सहयोग देने के बाद, सितंबर 2025 में इस साझेदारी को अगले चार वर्षों के लिए नवीनीकृत करते हुए 24.20 करोड़ रुपये की नई राशि प्रतिबद्ध की गई।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अवसर
इस सहयोग के माध्यम से सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर श्रेणियों में राष्ट्रीय चैंपियनशिप के साथ-साथ ‘नेशनल रैंकिंग आर्चरी टूर्नामेंट्स’ का आयोजन किया जा रहा है। इससे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होने का एक व्यवस्थित मंच मिल रहा है।
NTPC के इस सहयोग से अब तक लगभग 53 राष्ट्रीय टूर्नामेंट्स आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 24,096 से अधिक एथलीटों ने हिस्सा लिया। इसके अतिरिक्त, 88 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले 1,145 भारतीय तीरंदाजों के लिए किट और यूनिफॉर्म की व्यवस्था भी कंपनी द्वारा की गई है।
पूर्वोत्तर में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास
खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए NTPC बोंगाईगांव ने अक्टूबर 2025 में मिजोरम राज्य खेल परिषद के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत मिजोरम के मामित जिले के लेंगपुई में 5.28 करोड़ रुपये की लागत से तीन वर्षों के भीतर एक अत्याधुनिक ‘आर्चरी अकादमी’ स्थापित की जाएगी। यह अकादमी पूर्वोत्तर के युवाओं को पेशेवर कोचिंग, आधुनिक उपकरण और विश्वस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं प्रदान करेगी।
जमीनी स्तर से निखर रही प्रतिभाएं
सतत सहयोग का एक बेहतरीन उदाहरण अमरावती (महाराष्ट्र) की कुमकुम अनिल मोहौद हैं। एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली कुमकुम ने अपनी दादी द्वारा खरीद कर दिए गए धनुष से अभ्यास शुरू किया था। उन्होंने 2026 में आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स में महिला व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रचा। वे इस स्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं, साथ ही महिला टीम रिकर्व स्पर्धा में भी भारत को ऐतिहासिक स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
NTPC का यह प्रयास महिला तीरंदाजों, पैरा-तीरंदाजों, खेल छात्रवृत्तियों, उपकरण सहायता और स्पोर्ट्स साइंस के उपयोग को बढ़ावा देकर देश में तीरंदाजी का एक टिकाऊ और मजबूत ढांचा तैयार कर रहा है।




